राजस्थान में पेपर लीक करने पर अब उम्रकैद तक की सजा, गहलोत सरकार ने मौजूदा कानून को और सख्त बनाया

राजस्थान में सरकारी नौकरी के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए मौजूदा कानून को और सख्त कर दिया गया है. अशोक गहलोत सरकार ने शुक्रवार को इस संबंध में संशोधन विधेयक पास कर दिया. इसके तहत अब अगर कोई पेपर लीक मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.

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राजस्थान विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया है संशोधन विधेयक (फाइल फोटो) राजस्थान विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया है संशोधन विधेयक (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • जयपुर,
  • 22 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

राजस्थान में अब भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. इस संबंध में राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को राजस्थान परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) (संशोधन) विधेयक, 2023 ध्वनि मत से पास हो गया है. पिछले साल मार्च में विधानसभा में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी जैसे अपराधों के लिए 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान करने वाला विधेयक पारित किया गया था. यह विधेयक सितंबर 2021 में आयोजित राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (आरईईटी) लेवल-दो परीक्षा के पेपर लीक के कारण रद्द होने के एक महीने बाद लाया गया था.

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उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र यादव ने विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि मौजूदा अधिनियम में प्रावधान है कि दोषी पाए जाने पर कम से कम पांच साल कैद की सजा का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर 10 साल तक किया जा सकता था. वहीं 10 लाख रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित अपराध संगठित माफिया द्वारा किए जाते हैं और उनके लिए अधिक कड़ी सजा समय की जरूरत है. उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने अब कारावास की न्यूनतम अवधि पांच साल से बढ़ाकर 10 साल और अधिकतम अवधि को 10 साल से बढ़ाकर उम्रकैद कर दिया है.

गुमराह करने को लाया गया है बिल: बीजेपी

वहीं विपक्ष का आरोप है कि इस बिल के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है. अगर पहले बने कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता तो फर्क नजर आता. उन्होंने कहा, "सरकार को पेपर लीक में शामिल आरोपियों की जब्त की गई या बुलडोजर से जब्त की गई संपत्तियों की संख्या बतानी चाहिए. वे युवाओं को गुमराह करने के लिए सिर्फ भ्रम पैदा कर रहे हैं."

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राजस्थान में विपक्षी दल परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहे हैं. राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी ने आरईईटी पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, जिसकी जांच वर्तमान में राजस्थान पुलिस के विशेष संचालन समूह द्वारा की जा रही है.

सीएम अशोक गहलोत ने 4 जुलाई को ट्वीट किया था कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि RPSC, DOP, RSSB एवं अन्य हितधारकों के साथ चर्चा कर बेहतर प्रक्रिया तैयार करें. पेपर लीक के खिलाफ बनाए गए कानून में भी अधिकतम सजा का प्रावधान उम्रकैद करने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में बिल लाने का फैसला किया है.

चाढ़े चार साल में 16 बार लीक हुए पेपर

नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने पिछले दिनों ट्वीट कर कहा था कि घोषणावीर मुख्यमंत्री अशोकजी, आपके शासन में 16 बार पेपर लीक होने का देशभर में रिकॉर्ड बन चुका है. राजस्थान में गहलोत सरकार के मौजूदा कार्यकाल के दौरान बार-बार पेपर लीक के मामले आए, जिसकी वजह से राज्य के 20 लाख से ज्यादा युवा प्रभावित हुए हैं. सत्तारूढ़ सरकार और विपक्ष दोनों को एहसास है कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में दोनों दल युवा वर्ग को अपने पाले में करने की कोशिशों में लग गए हैं.

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