राजस्थान के जोधपुर जिले के पीपाड़ उपखंड के बाड़ा कला गांव में महंगाई राहत शिवर के दौरान एक अजीबोगरीब आवेदन देखने को मिला. जहां बाड़ा कला गांव का रहने वाला घनश्याम दमामी (48) महंगाई राहत शिविर में एक ऐसा आवेदन लेकर पहुंचा जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया.
घनश्याम ने जब अधिकारियों को अपना आवेदन दिया तो पहले किसी को कुछ समझ नहीं आया. इस पर अफसरों ने उसे पढ़कर सुनाने को कहा. धनश्याम के दोस्तों ने अवेदन को पढ़ा और अधिकारियों को बताया कि उसकी उम्र 48 साल हो गई है. लेकिन अबतक उसकी शादी नहीं हो पाई है, ऐसे में उसे खाना बनाने कपड़े धोने और दूसरे कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अगर उसकी शादी हो जाती है, तो उसे इन समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा.
इस पर विकास अधिकारी भगवान राम खोजा ने बताया कि घनश्याम दमामी के इस आवदेन से हम सब सकपका गए, लेकिन शिविर प्रभारी तहसीलदार कैलाश चंद्र मीणा ने बताया की हमें शिविर में सभी प्रकार के आवदेन लेने के निर्देश है.
इसलिए घनश्याम दमामी से आवदेन लेकर आगे भी बढ़ा दिया है. बता दें, राजस्थान सरकार द्वारा महंगाई राहत शिविर में बिजली गैस चिरंजीवी बीमा योजना सहित नौ सरकारी योजनाओं में छूट का लाभ लेने के लिए पूरे प्रदेश में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं.
पत्नी की डिमांड लेकर पहुंचा 48 साल का कुंवारा
बता दें, घनश्याम चार भाइयों में से तीसरे नंबर पर है, उसके माता- पिता और दो बड़े भाईयों की मौत हो चुकी है. छोटा भाई अपनी पत्नी के साथ जयपुर में रहे रहा है. ऐसे में उसकी शादी के लिए कौन प्रयास करेगा. इसलिए घनश्याम ने महंगाई राहत शिविर में आवेदन देकर योग्य पत्नी की मांग करी है.
गांव वालों का कहना है कि घनश्याम ने सरपंच धर्मेंद्र कंवर, तहसीलदार कैलाश मीणा के पास पत्नी ढूंढने का आवेदन ही कर दिया है. गांव वालों का कहना है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान की जनता की सुन रहे हैं तो घनश्याम दमामी भी सुनेंगे. इस तरह के आवेदन की चर्चा हर जगह हो रही है.
अशोक शर्मा