लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद ओम बिरला पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र कोटा पहुंचे. कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले हिंडोली में उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान एक रोड शो का आयोजन हुआ. इतना ही नहीं, उनका रोड शो बूंदी होते हुए कोटा में दाखिल हुआ. भारी भीड़ के बीच ओम बिरला का रोड शो 12 घंटे से ज़्यादा समय तक चला.
इस दौरान ओम बिरला ने कहा कि संसद में सुनियोजित तरीक़े से व्यवधान नहीं डालना चाहिए. लोग पहले से सोचकर आते हैं कि सदन में रुकावट डालनी है, जबकि ऐसा करना लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र करना है. उन्होंने कहा कि मज़बूत विपक्ष से कोई चुनौती नहीं बढ़ी है, बल्कि ये हमारे लिए अच्छा है कि विपक्ष अपने मत को प्रभावी ढंग से रख पाएगा. लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का पूरा हक़ है.
ओम बिरला से जब पूछा गया कि इस बार राहुल गांधी ने आपका बॉडी लैंग्वेज तक देखा कि किस तरह से आप प्रधानमंत्री से झुककर और राहुल गांधी से तनकर मिलते हैं, तो लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ये तो देखने का अपना-अपना नज़रिया है. उन्होंने कहा कि मेरे संस्कार हैं कि अपने से उम्र से बड़ों से और नेता सदन से कैसे पेश आते हैं. अब ये उनकी सोच है कि वो इसे किस तरह से लेते हैं.
ओम बिरला ने कहा कि नया सत्र भी काफ़ी प्रोडक्टिव रहा है. देर रात तक हमने काम किया है. कुछ व्यवधान रहे, स्थगन प्रस्ताव भी आए, लेकिन फिर भी 130 फीसदी परफॉर्मेंस रहा है.
बता दें कि ओम बिरला अपने पुराने साथी प्रह्लाद गुंजल से कड़े संघर्ष में 40 हज़ार वोटों से जीते हैं. ओम बिरला ने कहा कि राजनीति में संघर्ष जारी रहता है, लेकिन कोटा-बूंदी की जनता मेरा परिवार है. यहां के स्नेह और प्यार की बदौलत हम हैं, हमारी कोशिश रहेगी कि हर तरह इनकी सेवा करता रहूं.
शरत कुमार