नहाने के दौरान फोटो खिंचवाने के चक्कर में गई जान, गड़ीसर लेक में डूबे दो मासूम

युवाओं तथा बच्चों में सेल्फी लेने का क्रेज काफी बढ़ गया हैं. कई बार सेल्फी व फोटो खिंचवाने के चक्कर में लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं. इसके बावजूद जोखिम उठाकर फोटो खिंचवाने के शौक कम नहीं हो रहा है. ऐसा ही एक मामला रविवार को राजस्थान के जैसलमेर से सामने आया. यहां दो मासूम जैसलमेर के ऐतिहासिक गड़ीसर तालाब में फोटो खिंचवाने के दौरान डूब गए. जबतक दोनों को बाहर निकाला गया तब तक दोनों मासूमों ने दम तोड़ दिया था.

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गड़ीसर सरोवर गड़ीसर सरोवर

विमल भाटिया

  • जैसलमेर,
  • 19 मई 2024,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST

जैसलमेर के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर गड़ीसर लेक में सेल्फी के चक्कर में नहाने गए दो मासूम की डूबने से मौत हो गई. उनका एक और साथी जो बाहर था, वह बच गया. उसने पूरी घटना के बारे में परिवार और पुलिस वाले को जानकारी दी. तीसरे बच्चे ने बताया कि सिर्फ फोटो खिंचवाने और मस्ती करने के लिए वेलोग गड़ीसर सरोवर गए थे. वहां नहाने के दौरान उनके दो दोस्तों की डूबकर मौत हो गई.

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घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस व परिजन मौके पर पहुंचे. जैसलमेर कोतवाली के थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि दोपहर 3 बजे गड़ीसर तालाब पर तीन बच्चे पीयूष (13) पुत्र भूपेंद्र, संजय (13) पुत्र दादूराम और जयंत (14) पुत्र सूजराम फोटो खिंचवाने व खेलने के लिए गए थे. इस दौरान पीयूष और संजय नहाने के लिए तालाब में उतर गए. जहां डूबने से उनकी मौत हो गई. 

फोटो खिंचवाने के चक्कर में डूबे दोनों
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया. दोनों बच्चों के तीसरे दोस्त जयंत ने बताया वे अपने दोनों दोस्तों,पीयूष और संजय के साथ जैसलमेर के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर गड़ीसर सरोवर की तरफ फोटो खिंचवाने के इरादे से गए थे. वहां तालाब में पहले से और भी बच्चे नहा रहे थे. इस दौरान फोटो खिंचवाने के दौरान पीयूष और संजय ने कहा कि वे भी नहाने के लिए जा रहे हैं.

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नहाने की बात कह तालाब में लगाई छलांग
जयंत ने बताया कि दोनों ने पानी के अंदर छलांग लगा दिया. उन्हें तैरना नहीं आता था. इस कारण वे तालाब में डूब गए. काफी देर तक अपने दोनों दोस्तों को बाहर नहीं निकलता देख जयंत चिल्लाने लगा. उसने बताया कि पीयूष और संजय ने उससे कहा था कि उन्हें तैरना आता है. इसके बाद देखा तो दोनों लड़के पानी से बाहर नहीं आ रहे थे. उन्हें मजाक नहीं कहते हुए तुरंत बाहर निकलने के लिए कहा, लेकिन दोनों दोस्त पानी से बाहर नहीं आए. 

सरोवर में कूदने के बाद नहीं निकले
जयंत ने बताया कि इसके बाद वह भी पानी में कूदा और एक का हाथ पकड़कर बाहर लाने की कोशिश की. मगर उसका हाथ छूट गया. उसके बाद मैं बाहर आ गया और उन्हें बचाने की कोशिश की. मगर वहां पड़े एक कांच से मेरे पैर में चोट लग गई. इसके बाद मैं उनको बाहर नहीं निकाल पाया. फिर मैंने शोर मचाया तो आसपास के लोग वहां पहुंच गए.

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