Rajasthan: महिला टीचर को बीच सड़क पर बेटे के सामने जिंदा जला देने की Inside Story, जानें पूरा मामला 

जयपुर में एक महिला टीचर को उसके 6 साल के बेटे के सामने जिंदा जालकर मार डाला. बताया जा रहा है कि मृतक महिला ने आरोपियों को ढाई लाख रुपये उधार दिए थे और रुपयों को वापस मांग रही थी. आरोपी वापस देने के बजाए उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ करते थे. पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

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अनीता रेगर (फाइल फोटो) अनीता रेगर (फाइल फोटो)

शरत कुमार

  • जयपुर ,
  • 18 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:59 PM IST

जयपुर में एक महिला टीचर को जिंदा जलाकर मार डालने की वारदात से सनसनी फैल गई. बेटे को स्कूल छोड़ने जाते समय बीच सड़क पर दबंगों ने उसे घेर दिया और पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी. बेटा मां को बचाने के लिए गिड़गिड़ता रहा लेकिन दंबंगों का दिल नहीं पसीजा. बुरी तरह से झुलसी शिक्षिका ने मंगलवार देर रात एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि महिला ने कुछ लोगों को उधार पर पैसे दिए थे, जिसे दबंग वापस नहीं करना चाह रहे थे.   

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बीच सड़क पर जिंदा जलाया

मरने वाली महिला का नाम अनीता है. उसके पति ताराचंद ने बताया कि उन्होंने गांव के किसी शख्स को ढाई लाख रुपये उधार दिए थे. अब वह रुपये वापस नहीं लौटा रहा था. मांगने पर कई बार मारपीट कर चुका था. अनीता के पति के मुताबिक 10 अगस्त को उसकी पत्नी अपने 6 साल के बेटे को लेकर स्कूल जा रही थी. इस दौरान कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया. इस दौरान उसने खुद को बचाने का काफी प्रयास किया और पास के ही किसी घर में घुस गई. यहां से दो बार 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुलाने की कोशिश भी की लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची. आरोपियों ने उसे पकड़ा और बाहर ले आए इसके बाद जिंदा जला दिया.

मदद के लिए लगाती रही गुहार: 

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वह लोगों से मदद की गुहार लगाती रही लेकिन किसी ने उसकी कोई मदद नहीं की. मौके पर मौजूद लोग वीडियो बनाते रहे. अनीता 70 प्रतिशत  से ज्यादा जल गई थी. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मृतक अनिता के 12 अगस्त के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है. बताया जा रहा है कि उसने आरोपियों के खिलाफ पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी. उस समय उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया. 

लोग मदद की बजाए वीडियो बनाते रहे 

मृतक टीचर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी. उधार के पैसे वापस मांगने पर आरोपी उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ करते थे. डीजीपी से मिलकर आरोपियों को पकड़ने और खुद की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई थी. साथ ही थाना प्रभारी रामधन सांडीवाल, एसआई कबूलसिंह, पुलिसकर्मी विनोद गुर्जर पर आरोपियों के सांठगांठ का आरोप लगाया था. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष एक दूसरे को जानते हैं. लेनदेन का विवाद था. पीड़ित पक्ष दो बार शिकायत दर्ज कराई थी. 

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी 

महिला टीचर की मौत के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया था. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही थी. एडिशनल एसपी धर्मेंद्र यादव ने परिजनों को आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया. इस मामले की जांच एसपी महिला उत्पीड़न भवानी सिंह को सौंपी गई है. पुलिस दावा कर रही है जल्द ही आरोपियों गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इन्हें पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश दी जा रही है.

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