राजस्थान के अलवर में एक दंपति ने अपने ही परिवार के लोगों पर धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पीड़ितों ने कहा है कि जब वो पूजा-पाठ करते हैं, तो परिजन देवी-देवताओं की तस्वीर फाड़ देते हैं और मूर्तियों को तोड़ देते हैं.
घटना एनईबी थाना इलाके की है. पीड़ित दंपति मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों के साथ एसपी से मिलने पहुंचे. साथ ही अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई. पीड़ित सोनू ने बताया कि हमारे ही परिवार में से कुछ लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है.
हमें भी ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है. जब हम पूजा-पाठ करते हैं, अगरबत्ती और दीपक जलाते हैं या हवन करते हैं, तो हमारा विरोध किया जाता है.
परिजन कहते हैं हिंदू धर्म में कुछ नहीं रखा- पीड़ित
पीड़ित ने बताया कि हमारे देवी-देवताओं की तस्वीरों को परिजन फाड़ देते हैं और हमारे साथ मारपीट करते हैं. उन्होंने कहा, 'हम पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाते हैं.' सोनू ने दावा किया कि उसके परिजन कहते हैं कि हिंदू धर्म में कुछ नहीं रखा, सब कुछ ईसा मसीह हैं.
सोनू की पत्नी रजनी ने बताया कि उसके सास-ससुर और परिवार के लोग दबाव बनाते हैं कि ईसा मसीह ही अपना हैं और हिंदू धर्म के देवी-देवताओं की पूजा मत करो, विरोध करने पर मारपीट करते हैं और केस करने की धमकी देते हैं.
पुलिस कर रही है मामले की जांच- एसपी तेजस्विनी गौतम
मामले में अलवर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया, "मंगलवार को एनईबी थाना क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित दंपति और कुछ संगठनों के लोग उनसे मिले थे. उन्होंने धर्म परिवर्तन करवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है."
ईसाई नहीं बनने पर करते हैं मारपीट- विहिप जिला अध्यक्ष
इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष दिलीप मोदी ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के संज्ञान में एक मामला आया कि हरिजन बस्ती में कुछ लोग हैं ईसाई धर्म में परिवर्तन करा रहे हैं. इस संबंध में उन्होंने आरोप लगाया कि यहां धर्म परिवर्तन की एक चेन बनाई गई है.
हिंदुओं को लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है. हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हुए ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर बहिष्कार करने की धमकी दी जाती है और मारपीट करते हैं.
संतोष शर्मा