बांग्लादेश में पिछले अठारह दिन में छह हिंदुओं की नृशंस हत्या हुई है। मजदूरों, व्यापारियों, शिक्षकों और अधिकारियों को कट्टरपंथियों ने निशाना बनाया है। खासकर पाँच जनवरी को मात्र पाँच घंटे में दो हिंदू मारे गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले में कारगर नहीं दिख रही है। हिंदुओं को हिंदुस्तान का एजेंट बताते हुए झूठे आरोप लगाकर उनकी हत्या की जा रही है। इस हिंसा को लेकर भारत सहित विश्वभर में हिंदू समाज में आक्रोश है, और संत समाज ने सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही बांग्लादेश में रहे हिंदुओं को भारत में लाने और उनकी सुरक्षा का आग्रह किया जा रहा है। नेपाल के बीरगंज में भी हाल ही में हिंदू विरोधी हिंसा भड़की है, जिसमें प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया। इस गंभीर स्थिति को लेकर मानवाधिकार संगठनों और सरकारों से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।