नवाबों के शहर रामपुर की पहचान इसकी गंगा-जमुनी तहजीब से हैं. यहां के बने हुए चाकुओं को रामपुरी चाकू कहा जाता है जो विश्व प्रसिद्ध हैं. सूबे की सियासत के बड़े मुस्लिम चेहरे आजम खां की परंपरागतस सीट होने के कारण रामपुर विधासभा सीट की अहमियत लंबे समय से बनी हुई है. आजम के इस गढ़ से पश्चमी यूपी के कई जिलों की विधानसभा सीटों की किस्मत तय होती रही है. यहां की जनता से बात की अंजना ओम कश्यप ने. सवाल किया - रामपुर में किसका पलड़ा भारी है? इस सवाल के जवाब तो सभी के अलग-अलग आये. एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि आजम खान की सरकार में विकास हुआ है बीजेपी की सरकार में कुछ नहीं है. तो वहीं एक का जवाब था कोई पार्टी आए, देश के लिए सोचे, शहर के लिए सोचे. तो कुछ ने बेरोजगारी पर भी सवाल उठाये. देखें राजतिलक.
The city of Nawabs, Rampur is known for its Ganga-Jamuni tehzeeb and Rampuri knives, which are world-famous. The Rampur assembly seat is considered important as it is the traditional seat of Azam Khan, the big Muslim face of UP politics. Anjana Om Kashyap spoke to the people here. Questioned - Whose is the first choice of Rampur? Watch Rajtilak.