लोगों का कहना है कि जब शिमला में साढ़े तीन मंज़िल से ज्यादा किसी भी इमारत के निर्माण पर सख्त प्रतिबंध है तो फिर शिमला के संजौली इलाके में सरकारी ज़मीन पर पांच मंज़िला अवैध मस्जिद का निर्माण कैसे हुआ? अब जब सरकार को ये पता चल गया कि ये मस्जिद गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई है तो सरकार इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?