ओडिशा: हाथी ने चबा लिया देसी बम, अस्पताल ले जाते हुए दर्दनाक मौत

ओडिशा के अंगुल जिले में एक छह-सात साल के नर हाथी की मौत हो गई, जिसे अवैध क्रूड बम चबाने के बाद गंभीर चोटें आई थीं. हाथी को बचाकर कपिलाश एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई.

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हाथी ने चबा लिया देसी बम, अस्पताल ले जाते हुए दर्दनाक मौत (Photo: itg) हाथी ने चबा लिया देसी बम, अस्पताल ले जाते हुए दर्दनाक मौत (Photo: itg)

अजय कुमार नाथ

  • अंगुल,
  • 16 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

ओडिशा के अंगुल जिले में एक हाथी की दर्दनाक मौत हो गई. उसने कथित तौर पर अवैध रूप से रखे गए देसी बम चबा लिया था जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं. इस दुखद घटना की पुष्टि मंगलवार को अंगुल के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर ने की. घटना बंटला फॉरेस्ट रेंज के तहत बालुकटा गांव के पथरगड़ा साही के पास हुई. वन अधिकारियों के अनुसार मृत हाथी की उम्र लगभग छह से सात वर्ष के बीच थी और माना जा रहा है कि बम शिकारी जानवरों को पकड़ने या उन्हें डराने के लिए रखा गया था.

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वन अधिकारियों ने बताया कि घायल हाथी को गंभीर स्थिति में पाया गया और तत्काल वन कर्मियों द्वारा बचाया गया. अंगुल, कपिलाश और सतकोसिया के पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और आपातकालीन उपचार शुरू किया. डॉक्टरों का अनुमान था कि बम विस्फोट लगभग पांच से छह दिन पहले हुआ था, जिससे हाथी के मुँह में गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं. चोटों की गंभीरता के कारण हाथी को अत्यधिक दर्द हो रहा था और वह भोजन नहीं कर पा रहा था.

हताश वनकर्मियों ने हाथी को अधिक उन्नत इलाज के लिए कपिलाश एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर ले जाने का निर्णय लिया. हालांकि, रास्ते में हाथी अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया. वन विभाग ने आरोपियों की पहचान करने के लिए मामले की जांच शुरू कर दी है.वन अधिकारी ने कहा,'ऐसा लगता है कि हाथी ने बम को अपने मुंह में ले लिया था.' अधिकारियों ने कहा कि यह घटना वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष के महत्व को फिर से उजागर करती है. उन्होंने स्थानीय समुदायों से अपील की है कि जंगल में किसी भी प्रकार के अवैध उपकरण न रखें और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहें.


 

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