'दूसरे धर्म को आहत करना, भोलापन नहीं अपराध है' दमोह के गंगा-जमना स्कूल मामले पर MP गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा

एमपी के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गंगा-जमना स्कूल प्रबंधन ने जो कृत्य किया है वह भोलेपन में किया गया कृत्य नहीं है. गृह मंत्री ने कहा कि जांच में प्रथम दृष्ट्या आया है कि प्रबंधन द्वारा जबरन बच्चियों को हिजाब पहनाया जाता था.

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गंगा-जमुना स्कूल विवाद. गंगा-जमुना स्कूल विवाद.

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 14 जून 2023,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

दमोह के गंगा-जमना (Damoh ganga-jamna school) स्कूल के खिलाफ हो रही कार्यवाही का विरोध कर रहे लोगों पर आज प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हिंदू बच्चियों को जबरन हिजाब पहनना क्या सही है,,कलावा नही बांधने देना क्या प्रबंधन का भोलापन है? उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत करने और धर्म परिवर्तन का कोई भी प्रयास प्रदेश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने जो कृत्य किए है वह भोलेपन में किया गया कृत्य नहीं है. गृह मंत्री ने कहा कि जांच में प्रथम दृष्ट्या आया है कि प्रबंधन द्वारा जबरन बच्चियों को हिजाब पहनाया जाता था. जहां तक स्कूल द्वारा अतिक्रमण का सवाल है तो अवैध अतिक्रमण पर कल भी कार्यवाही की गई थी और आज भी की जा रही है.

स्कूल की मान्यता की गई रद्द

मध्य प्रदेश के दमोह में हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनने पर मजबूर करने वाले निजी स्कूल पर बड़ी कार्रवाई हुई है. शिवराज सरकार ने जांच के बाद उस स्कूल की मान्यता रद्द कर दी . वहीं स्कूल की तरफ से सफाई दी गई है कि स्कूल ड्रेस में हेडस्कार्फ शामिल है. किसी को भी इसे पहनने के लिए मजबूर नहीं किया गया है.

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पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

गौरतलब है कि, गंगा जमना स्कूल छात्राओं को जबरन हिजाब पहनने का दबाव बनाने, इस्लामिक शिक्षा देने के साथ अन्य आरोपों में सुर्खियों में आया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद पुलिस ने स्कूल के संचालकों और प्रिंसिपल टीचर्स समेत अन्य स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

हाई प्रोफाइल इस मामले में लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही थीं. इसी बीच, पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में स्कूल की प्रिंसिपल आफसा शेख, गणित विषय के टीचर अनस अतहर और चौकीदार रुस्तम शामिल हैं. दमोह पुलिस गिरफ्तारी के बाद से तीनों आरोपियों को मीडिया से छिपाती रही और फिर चुपचाप उन्हें जिला कोर्ट में पेश किया गया.

रविवार होने की वजह से जिला न्यायालय में सिर्फ सीजेएम कोर्ट खुला था. जहां सीजेएम जितेंद्र नारायण सिंह ने तीनों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया. इस मामले में अगली सुनवाई 24 जून को होगी. आरोपियों के वकील अनुनय श्रीवास्तव के मुताबिक, पुलिस ने दर्ज मामले में एक धारा का और इजाफा किया है. इस मामले में सोमवार को अपील करेंगे. दूसरी तरफ जिले के एसपी राकेश सिंह के मुताबिक, तीन आरोपी पकड़ लिए गए हैं. शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है.

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