मध्य प्रदेश विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता हेमंत कटारे के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने FIR दर्ज की है. यह मामला भोपाल में ISBT प्रोजेक्ट से जुड़ी भूमि आवंटन में गड़बड़ी से जुड़ा है. FIR में कटारे के अलावा उनकी पत्नी, भाई और बहू के नाम भी शामिल हैं.
EOW ने बताया कि उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जरिए शिकायत मिली थी कि भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) के अधिकारियों ने मिलीभगत कर मेसर्स हाई स्पीड मोटर्स को अवैध रूप से भूमि आवंटित की. इस कंपनी के साझेदारों में हेमंत कटारे, उनके भाई योगेश कटारे और अन्य लोग शामिल थे.
हेमंत कटारे के खिलाफ EOW ने एफआईआर दर्ज की
आरोप है कि बिना टेंडर के इस कंपनी को प्लॉट दिया गया और भूमि उपयोग को गलत तरीके से व्यावसायिक किया गया. जांच में पाया गया कि कटारे और उनके परिवार ने BDA अधिकारियों के साथ मिलकर इस अवैध सौदे को अंजाम दिया. इसके बाद EOW ने कटारे और अन्य पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया.
इस मामले में हेमंत कटारे ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि EOW ने आज मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं और पूछना चाहता हूं कि 2004 से अब तक वो क्या कर रहे थे? जब हम विपक्ष में होते हैं, तब भ्रष्टाचारी बन जाते हैं, लेकिन जब नहीं होते, तो कोई मामला नहीं दर्ज होता. 70 साल की विधवा मां के खिलाफ FIR करवाना कैसी राजनीति है.
ISBT प्रोजेक्ट से जुड़ी भूमि आवंटन में गड़बड़ी से जुड़ा मामला
साथ ही हेमंत कटारे ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वो इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे. अपने दिवंगत पिता सत्यदेव कटारे को याद करते हुए कहा कि वो अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे.
रवीश पाल सिंह