बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के बेटे और एक्टर जुनैद खान ने साहित्य आजतक 2024 में शिरकत की. जुनैद के साथ डायरेक्टर सिद्धार्थ पी मल्होत्रा थे. एक्टर-डायरेक्टर की जोड़ी ने साथ मिलकर फिल्म 'महाराज' में काम किया है, जो नेटफ्लिक्स पर काफी विवाद के बाद रिलीज हुई थी. अपनी फिल्म, आमिर खान और जिंदगी के बारे में जुनैद और सिद्धार्थ ने खुलकर साहित्य आजतक के मंच पर बातचीत की.
जुनैद खान ने बताया कि वो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मैं अच्छी फोटोज नहीं खींचता और न ही मुझे इसका शौक है. वहीं सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने अपने करियर के बारे में बात की. सिद्धार्थ ने बताया कि उनकी शुरुआत फिल्म 'करीब' से हुई थी. इसके बाद उन्होंने 'कल हो न हो' और फिर 'विवाह' की. सिद्धार्थ ने टीवी के फेमस शो 'संजीवनी' और 'दिल मिल गए' को भी लिखा है. सिद्धार्थ के दादा, पिता, दादी और बहन भी इंडस्ट्री का हिस्सा रह चुके हैं.
फिल्म हिचकी करने में हुई थी दिक्कत
साल 2018 में आई रानी मुखर्जी की हिट फिल्म 'हिचकी' को भी सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने बनाया था. उन्होंने बताया कि एक वक्त पर उस फिल्म को बना पाना उन्हें नामुमकिन लग रहा था. बहुत बार ऐसा हुआ है कि मुझे लगा कि ये नहीं हो पाएगा. मैं हिचकी कर रहा था, उस वक्त फिल्म वी आर फैमिली, दबंग के साथ आई थी, वो ज्यादा चली नहीं. जब आपकी फिल्म ज्यादा नहीं चलती है तो आप इंडस्ट्री के अंदर के हो या बाहर के, आपके कहानी कहने के मौके बंद हो जाते हैं.
हिचकी के लिए मुझे दिक्कत हुई, जिसको भी मैं ये कहानी सुनाता था, वो इसकी कहानी को कहते थे ये तो पागल टीचर है. टॉरेट सिंड्रोम के बारे में वो फिल्म थी. एक टीचर है जिसको टॉरेट सिंड्रोम है. मैंने 500 से ज्यादा बार इस कहानी को सुनाया है. आप इंडस्ट्री में किसी से भी पूछ लो कि सिद्धार्थ आपके पास हिचकी लेकर आया था, वो बोलेंगे हां. बस एक बंदे के पास मैं नहीं गया था वो हैं आदित्य चोपड़ा. मैं अपनी पत्नी को कहता था कि हां वहीं तो बनाएंगे जैसे मेरी फिल्म. लेकिन आखिर में वही हुआ, अंत में उन्होंने इस फिल्म को बनाया. उन्होंने बस ये कहा था कि मेल टीचर को फीमेल कर लो. फिर रानी आई और 28 दिन में हमने हिचकी बनाई. उसके बाद वहां से महाराज का सफर शुरू हुआ. फिर उसको भी 5 साल लगे.'
जुनैद पापा से क्या टिप्स मिले?
फिल्म 'महाराज' से जुनैद खान ने अपना फिल्मी डेब्यू किया है. ऐसे में उनसे पूछा गया कि उन्हें अपने पिता और मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान से कोई टिप्स मिले थे या नहीं? इसपर जुनैद ने कहा, 'शुरू से इतने टिप्स नहीं मिले वैसे. एक चीज उन्होंने कही थी जब मैं 18-19 साल का था, मैं कॉमर्स पढ़ रहा था और मैंने पापा को कहा कि मुझे थिएटर स्कूल जाना है, अमेरिका में. उन्होंने कहा कि देखो एक्टिंग तुम सीख लोगे कहीं पर भी. करते करते भी सीख जाओगे. जो जल्दी नहीं सीख पाओगे वो है इंडिया का कल्चर. कल्चर की बारीकियां नहीं समझ पाओगे, उसको समझने में वक्त बिताओ. तो मैंने कहा, हां-हां और फिर मैं अमेरिका चला गया.'
दूसरे स्टार किड्स की तरह नहीं मिला बड़ा लॉन्च
बॉलीवुड के कई स्टार किड्स बीते सालों में इंडस्ट्री में लॉन्च हुए हैं. सभी को बड़े पर्दे पर बड़ी फिल्मों में काम का मौका मिला. लेकिन जुनैद खान को दूसरे स्टार किड्स की तरह बड़े तरीके से लॉन्च नहीं किया गया. उनकी फिल्म महाराज' नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी. ऐसे में उनसे पूछा गया कि उन्होंने ओटीटी पर आना क्यों चुना?
इसके जवाब में जुनैद खान ने कहा, 'ये किसी ने नहीं सोचा था, ये प्रोड्यूसर का निर्णय था. 2021 में हमने शूटिंग शुरू की थी. फरवरी 2021 में हम शूटिंग कर रहे थे और हमें काम मिल रहा था यही बहुत बड़ी बात थी. उस वक्त बहुत फिल्में ठप्प हो गई थीं. तब हमने नहीं सोचा था कि ये कब आएगी, कैसे आएगी. हम बस इसे बना रहे थे. फिर आदित्य चोपड़ा ने निर्णय लिया कि ओटीटी पर आएगी. वो इंडस्ट्री के बेस्ट प्रोड्यूसर हैं. वो ज्यादा जानते हैं.' जुनैद की बात को आगे बढ़ते हुए डायरेक्टर सिद्धार्थ ने कहा कि फिल्म की प्री और पोस्ट पैनडेमिक थिएटर व्यूइंग एक्सपीरिएंस पर ध्यान दिया जा रहा था. पहले बड़े-बड़े स्टार्स की फिल्म भी देखने लोग नहीं जा रहे थे. ये न्यूकमर्स की फिल्म थी. महंगी फिल्म थी. तो सोच-समझकर नेटफ्लिक्स और यश राज ने मिलकर ये निर्णय लिया कि इसके लिए ओटीटी बेस्ट प्लेटफॉर्म है.
फिल्म को रिलीज करने में झेली दिक्कतें
रिलीज से कुछ दिन पहले ही फिल्म 'महाराज' को बैन कर दिया गया था. इस बारे में बात करते हुए डायरेक्टर सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने बताया कि उन्हें कितनी मुश्किल झेलनी पड़ी थी. उन्होंने कहा, 'इस फिल्म की जर्नी बहुत दर्दनाक रही है. जब हमने इस फिल्म के बारे में सोचा, तो एक इसकी किताब है, 13 साल से पब्लिश है. तब कुछ प्रॉब्लम नहीं हुई.
फिल्म की सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं इंटरनेट पर, किसी ने कुछ नहीं कहा. ये यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है. 6 यूनिवर्सिटी में ये पढ़ाई जाती है. इसपर एक नाटक बना है महाराज के नाम से. तब भी कोई पंगा नहीं. हमने एक फिल्म बनाई. मेरी पत्नी वैष्णव है, मेरे जो राइटर हैं वो वैष्णव हैं. इस फिल्म के अंदर 56 एक्टर-टेक्नीशियन, वो वैष्णव हैं. हम बना रहे थे तो ये फिल्म की स्क्रिप्ट जब हमने लिखी तो हमने इसके 50-60 नेरेशन किए होंगे, सबको सुनाई. जब बना रहे थे तो लोग बोल रहे थे अच्छी फिल्म है. फिल्म एडिट हुई हमने स्क्रीनिंग की तब भी वाहवाही हुई. फिर सेंसर हुआ, जो काटना था कटा. यू/ए सर्टिफिकेट मिल गया. और फिर कोई भी फिल्म आप देख लो, आप एक ट्रेलर करते हो, फिर एक पोस्टर करते हो, फिर गाने डालते हो, फिर एक लॉन्च करते हो, फिर एक स्क्रीनिंग करते हो.'
सिद्धार्थ ने आगे कहा, 'इस फिल्म, का एक पोस्टर निकला बस और ये बैन हो गई. तो 5 साल से आप मेहनत करते हो उसके बाद ये हो तो कैसा लगता है. मुझे ये भरोसा करवाया गया था कि ये फिल्म आ ही नहीं रही है. भूल जाओ. उसके बाद कोर्ट केस हुआ. कोर्ट केस को हम 5 दिन लाइव देख रहे थे. 13 को लॉन्च होने थी फिल्म. लोग वाहवाही कर रहे थे, तालियां बजा रहे थे. हमने कहा कि अभी हम ये फिल्म नहीं डाल सकते, ये अटक गई है. एक-डेढ़ हफ्ते बाद ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर आई और बतौर मेकर्स हमें भी नहीं पता था कि ये आ गई है. गुजरात हाई कोर्ट का मैं शुक्रिया अदा करूंगा कि न्यायालय ने सही में इस फिल्म को देखा और बोला कि ये आपके धर्म के खिलाफ नहीं है. जो हमें पहले से पता था कि नहीं जा रही. उसके बाद वो फिल्म नेटफ्लिक्स पर आई है और 10 हफ्ते ग्लोबली नंबर 1 पर रही है और इंडिया में 10 हफ्ते से ज्यादा टिकी रही. नेटफ्लिक्स का मैं शुक्रिया कहूंगा कि उन्होंने फिल्म के आने के बाद उन्होंने दोबारा ट्रेलर डाला और फिर गाने डाले और फिर हमने उसका प्रमोशन किया. हमें तब कंटेंट की ताकत पता चली. फिल्म का क्लाइमैक्स जो है, वो काटा गया है.'
जुनैद ने किया 8 पेज लंबा मोनोलॉग
फिल्म की रिलीज को लेकर जुनैद खान ने कहा, 'हम सब उस वक्त काफी परेशान थे. मेरी शूटिंग चल रही थी दिल्ली में, नाइट्स को हम शूट कर रहे थे. मुझे लगा था कि ये फिल्म सिद्धार्थ सर ने बहुत इज्जत और केयर से बनाई है. मुझे पता था कि कभी न कभी तो आएगी ये फिल्म.' करसन दास के किरदार की तैयारी पर उन्होंने कहा, 'हमारे पास काफी टाइम था तैयारी के लिए. तकरीबन एक साल हमने तैयारी की.' आगे डायरेक्टर सिद्धार्थ ने बताया, 'जब हम शूट कर रहे थे तो एक 8 पेज का मोनोलॉग है. हमने जुनैद से पूछा था कि काट-काटकर करते हैं, छोटा हो जाएगा. थिएटर का इनका बैकग्राउंड है. 800 लोग थे उस टाइम पर, जुनैद ने पूरे 8 पेज एक बार में किए. संस्कृत के श्लोक थे बीच में, उन्होंने 10 मिनट के अंदर उस सीन को कर दिया.'
जुनैद को पसंद है ट्रैवलिंग
जुनैद ने बताया कि उन्हें ट्रैवलिंग पसंद है. हाल ही में वो जापान गए थे. उन्हें यूरोप काफी पसंद है. भारत में वो पुडुचेरी घूमें हैं. दार्जिलिंग घूमे हैं. गोवा गए हैं. उन्हें मूड के हिसाब से पसंद आता है कि वो पहाड़ जाना चाहते है या बीच. एक्टर ने ये भी बताया कि वो दिल्ली में ज्यादातर काम के लिए आए है. दिल्ली का खाना उन्हें पसंद है. उनका कहना है कि दिल्ली का सब खाना अच्छा होता है. सिद्धार्थ ने कहा कि उन्हें बटर चिकन और चाट पसंद है. जुनैद ने कहा कि मुंबई में अच्छा बटर चिकन नहीं मिलता. उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें कुकिंग का शौक है, लेकिन वो करते नहीं है. साल में वो एक-दो बार खाना बना लेते हैं.
ये है जुनैद की अगली फिल्म
अपने आने वाले प्रोजेक्ट को लेकर भी जुनैद खान ने बात की. उन्होंने बताया कि एक फिल्म है जो फरवरी 2025 में रिलीज होगी. खुशी कपूर के साथ, फैंटम ने प्रोड्यूस किया है इस फिल्म को. पिक्चर के दो गाने शूट होने वाले हैं अभी. जुनैद नाचने में अच्छे नहीं हैं. इसपर उन्होंने कहा कि गाने की शूटिंग 2 दिन में हो जाती है. लेकिन उनकी शूटिंग से पहले एक महीने से रोज सुबह डांस रिहर्सल चल रही है.
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