हर साल 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस मनाते हैं. योग हमारे ऋषियों-मुनियों द्वारा विकसित किया गया था और योग करने के कई फायदे होते हैं. योग करने से ओवरऑल हेल्थ तो सही होती ही है, साथ ही साथ वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है. बहुत से लोग मानते हैं कि सिर्फ योग करने से वजन कम नहीं होता है. इसके लिए योग के साथ हेल्दी डाइट भी लेनी होती है.
दरअसल, वजन कम करने के दो मुख्य चीज हैं, हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज. कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि योग करने से रिजल्ट धीमे मिलते हैं क्योंकि योग फ्लेग्जिबिलिटी बढ़ाने और मसल्स को टोन करने में अधिक भूमिका निभाता है. कुछ योगासन ऐसे भी हैं जो वजन कम करने में मदद कर सकते हैं. अगर आपके पास जिम जाने का समय नहीं है तो किसी एक्सपर्ट के अंडर में रहकर इन योगासनों को भी कर सकते हैं.
1. सूर्य नमस्कार (Surya Namaskara)
सूर्य नमस्कार मांसपेशियों को गर्म करने और उनमें ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने के अलावा शरीर को काफी सारे फायदे पहुंचाता है. यह शरीर के मुख्य अंगों की सभी मांसपेशियों को फैलाता है और उन्हें टोन भी करता है. कमर, हाथ, डाइजेस्टिव सिस्टम, मेटाबॉलिज्म, पेट, लोअर बॉडी हर जगह सूर्य नमस्कार का असर होता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि इसे करने से वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है.
सूर्यनमस्कार की हर मुद्रा को कम से कम 2-3 सेकेंड होल्ड करें और उसके बाद अगली मुद्रा को करें. शुरुआत 20 सूर्यनमस्कार से करें और फिर धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं.
2. चतुरंग दंडासन, प्लैंक पोज (Chaturanga Dandasana, Plank Pose)
चतुरंग दंडासन आपके कोर मसल्स (पेट) को मजबूत करने का सबसे अच्छा तरीका है. यह देखने में जितना आसान लगता है, इसके फायदे भी उतने ही होते हैं. प्लैंक पोज करने से पेट के मसल्स में पर तनाव आता है और वे टोन होते हैं. इसके अलावा हाथ, पैर, बैक आदि मसल्स पर भी तनाव आता है.
3. वीरभद्रासन, योद्धा मुद्रा (Virabhadrasana, Warrior Pose)
वीरभद्रासन जांघों और कंधों को टोन करता है और साथ ही साथ फोकस बढ़ाने में भी मदद करता है. वीरभद्रासन जितना अधिक करते हैं उतने ही अधिक रिजल्ट मिलते हैं. वीरभद्रासन करने से पैर मसल्स टोन होते हैं और उन्हें शेप मिलता है.
कहा जाता है कि वीरभद्रासन पोज से लोअर बैक, पैर ौर हाथों को टोन करने के साथ-साथ शरीर का बैलेंस भी सही रहता है. यह पेट पर कुछ तनाव डालती है, जिससे सपाट पेट पाने में मदद मिल सकती है.
4. त्रिकोणासन, त्रिभुज मुद्रा (Trikonasana, Triangle pose)
त्रिकोणासन पाचन में सुधार करने के साथ-साथ पेट और कमर में जमा चर्बी को कम करने में मदद करता है. यह पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को एक्टिव करता है और उसे सुधारता है. इस आसन से कमर के चारों ओर का फैट जलाने और जांघों में मांसपेशियों को बढ़ाने में मदद मिलती है.
5. धनुरासन, धनुष मुद्रा (Dhanurasana, Bow Pose)
धनुरासन पेट के मसल्स को सबसे अच्छे से टोन करता है और पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद करता है. इसे करने से डाइजेशन में सुधार होता है, जांघों, छाती और पीठ को मजबूती मिलती है. यह आपके पूरे शरीर में काफी अच्छा स्ट्रेच देता है, बेहतर ब्लड सर्कुलेशन करता है.
6. अधोमुख श्वानासन, डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज (Adho Mukha Svanasana, Downward Dog pose)
अधोमुख श्वानासन तीन शब्दों से मिलकर बना है, अधोमुख, श्वान और आसन. कुत्ते अक्सर इसी आसन में बैठकर स्ट्रचिंग करते हैं. यह सूर्य नमस्कार के 7 आसनों में से एक है. इसे करने से पेट के निचले मसल्स मजबूत होते हैं. ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, डाइजेशन सही रहता है, हाथ पैर के मसल्स टोन होते हैं. आदि.
7. सर्वांगासन, शोल्डर स्टैंड पोज (Sarvangasana, Shoulder Stand Pose)
सर्वांगासन, ताकत बढ़ाने से लेकर पाचन में सुधार तक कई लाभ पहुंचाता है. यह योग मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने और थायराइड के लेवल को बैलेंस भी कर सकता है. सर्वांगासन या शोल्डर स्टैंड ऊपरी शरीर, पेट की मांसपेशियों और पैरों को मजबूत करता है.
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