आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में नींद को अक्सर लोग सबसे पहले नजरअंदाज कर देते हैं. कुछ लोग 4-5 घंटे की नींद लेते हैं तो कुछ लोग इससे भी कम. वहीं कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जो वीकेंड पर अपनी हफ्ते की नींद पूरी करने का सोचते हैं. देर रात तक मोबाइल देखना, ओवरटाइम काम और अनियमित रूटीन अब आम बात हो चुकी है जो कि लोगों की नींद को बिगाड़ रहा है.
एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि कम या खराब नींद सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि पेट की चर्बी बढ़ने की बड़ी वजह भी बन सकती है. रिसर्च बताती हैं कि जो लोग रोजाना पूरी और गहरी नींद लेते हैं, उनके शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से कंट्रोल रहती है. खासकर बैली फैट. नींद पेट की चर्बी पर कैसा असर होता है, इस बारे में जान लीजिए.
शरीर में फैट जमा होना सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज पर निर्भर नहीं करता. नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है और मेटाबॉलिज्म को बैलेंस करता है. दरअसल, जब नींद पूरी नहीं होती तो शरीर एनर्जी सेविंग मोड में चला जाता है जिससे आपने जो खाया हुआ होता है शरीर उसे फैट में बदलने लगता है और पेट के आसपास जमा देता है.
कम नींद से शरीर के कई जरूरी हार्मोन प्रभावित होते हैं. नींद की कमी से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है जो बैली फैट जमा करने में अहम भूमिका निभाता है. वहीं भूख से जुड़े हार्मोन भी गड़बड़ा जाते हैं. इससे अधिक भूख लगती है और हाई-कैलोरी, मीठे या तले हुए खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है.
कई लोग डाइट फॉलो करते हैं और एक्सरसाइज भी करते हैं फिर भी पेट की चर्बी कम नहीं होती. इसकी एक बड़ी वजह नींद की कमी हो सकती है. रिसर्च में सामने आया है कि जो लोग 6 घंटे से कम सोते हैं, उनके लिए वजन घटाना ज़्यादा मुश्किल होता है. शरीर फैट बर्न करने की बजाय उसे स्टोर करने लगता है.
रात की अच्छी नींद मेटाबॉलिज़्म को एक्टिव और संतुलित रखती है. गहरी नींद के दौरान शरीर फैट को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया तेज़ करता है. इसके विपरीत बार-बार नींद टूटने या देर रात तक जागने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है जिससे बैली फैट बढ़ने का खतरा रहता है.
सिर्फ कितनी देर सोते हैं, ये ही नहीं बल्कि कब सोते हैं, ये भी उतना ही ज़रूरी है. रोज़ अलग-अलग समय पर सोने और जागने से शरीर की इंटरनल क्लॉक बिगड़ जाती है. इसका असर सीधे फैट स्टोरेज पर पड़ता है. जो लोग रोज़ एक तय समय पर सोते-जागते हैं, उनमें पेट की चर्बी कम जमा होती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रोज़ाना 7–8 घंटे की क्वालिटी स्लीप बैली फैट कम करने में मददगार हो सकती है. सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी, हल्का डिनर और शांत माहौल नींद की क्वालिटी सुधारते हैं. इसके साथ ही नियमित एक्सरसाइज़ और बैलेंस्ड डाइट का असर तब और बेहतर दिखता है, जब नींद पूरी हो.
बैली फैट कम करना सिर्फ जिम या डाइट का खेल नहीं है. अच्छी और पूरी नींद इस प्रक्रिया की मजबूत नींव है. अगर आप पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो अपनी नींद पर ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है जितना खानपान और फिटनेस पर. सही समय पर, गहरी और पर्याप्त नींद न सिर्फ वजन कंट्रोल में रखती है, बल्कि ओवरऑल हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क