Bubbles on tea coffee: चाय-कॉफी हर इंसान की लाइफ का अहम हिस्सा हैं. कुछ लोग चाय पीना पसंद करते हैं तो कुछ कॉफी. अक्सर इन ड्रिंक्स की खुशबू हर किसी को एनर्जी से भर देती है. गरम-गरम चाय या कॉफी जब कोई पीता है तो उसका मूड प्रेश हो जाता है. लेकिन आपने देखा होगा यदि ब्लैक कॉफी हो या ब्लैक टी, दोनों को गर्म करने के बाद उनमें बुल-बुले या झाग बन जाता है. उनको देखकर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये झाग या बुल-बुले कहां से आते हैं? दरअसल, इसके पीछे केमिस्ट्री और फिजिक्स का कमाल है. तो आइए इस झाग के पीछे का रहस्य भी जान लीजिए.
जानकारी के मुताबिक, चाय या कॉफी में झाग या बुलबुले आने का मुख्य कारण उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला दूध है. दूध में रूप से 2 चीजें होती हैं, प्रोटीन (केसीन और व्हे प्रोटीन) और फैट.
जब कोई दूध को तेजी से उबालता है या फेंटता है तो उसमें मौजूद प्रोटीन के अणु टूटने लगते हैं. ये टूटे हुए अणु हवा को पकड़ लेते हैं जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बनने लगते हैं. इसके बाद दूध में मौजूद फैट इन बुलबुलों को मजबूती देने लगता है जिससे इन बुलबुलों को मिलाकर झाग बन जाता है जो काफी देर तक चाय या कॉफी के ऊपर तैरता रहता है.
जब आप झाग वाली कॉफी पीते हैं, तो बुलबुले आपकी जीभ पर फूटते हैं जिससे कॉफी का अरोमा यानी खुशबू सीधे आपकी नाक तक पहुंचती है. यही वजह है कि बिना झाग वाली कॉफी की तुलना में झाग वाली कॉफी ज्यादा स्वादिष्ट और खुशबूदार लगती है.
कॉफी में जब झाग बनता है तो उस प्रक्रिया को 'एरिएशन' कहते हैं. जब आप कॉफी और चीनी को चम्मच से तेजी से फेंटते हैं तो आप असल में कॉफी के उस मिश्रण में हवा पैदा कर रहे होते हैं.
ऐसे में कॉफी में मौजूद नेचुरल ऑयल और चीनी मिलकर एक चिपचिपा झिल्ली बनाते हैं जो हवा के बुलबुलों को पकड़ लेती है. और यही कारण है कि मशीन से बनी कॉफी में स्टीम प्रेशर की वजह से बहुत अधिक झाग नजर आता है जिसे 'क्रेमा' भी कहते हैं.
जब चाय वाला अपनी केतली से चाय को गिलास में काफी ऊंचाई से गिराता है तो चाय और हवा तेजी से टकराती है. इस प्रोसेस में हवा के बुलबुले चाय की सतह पर फंस जाते हैं. इसके बाद चाय में मौजूद पत्ती के अर्क और दूध के प्रोटीन मिलकर एक ऐसी लेयर बना देते हैं जो इस झाग को कुछ देर तक टिकाए रखते हैं और वो बुलबुले चाय की सतह पर आ जाते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क