ये है दुनिया का सबसे महंगा चावल...कीमत के साथ जानें इसका स्वाद कैसा होता है?

World’s Most Expensive Rice: दुनिया का सबसे महंगा चावल जापान की एक कंपनी बनाती है. इस चावल के हर साल सिर्फ 1000 पैकेट ही तैयार किए जाते हैं. इसकी कीमत और स्वाद कैसा होता है, इस बारे में जानेंगे.

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सबसे महंगा चावल जापान में पैदा होता है. (Photo: Kinmemai Premium) सबसे महंगा चावल जापान में पैदा होता है. (Photo: Kinmemai Premium)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

पूरे इंडिया में चावल खाया जाता है और हर भारतीय किचन में चावल एक अहम हिस्सा है. चावल से अलग-अलग तरह की डिश बनाई जाती हैं जो खाने में काफी टेस्टी होती हैं. जानकारी के मुताबिक, भारत में 6000 से अधिक वैरायटी का चावल पैदा होता है. जिनकी औसत कीमत 100 रुपये से 300 किलो तक होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है दुनिया का सबसे महंगा चावल कौन सा होगा और उसकी कीमत कितनी होगी? अगर नहीं सोचा तो बताना चाहेंगे कि दुनिया का सबसे प्रीमियम चावल इतना महंगा है कि उसके 1 किलो चावल की कीमत में आप स्मार्टफोन ले सकते हैं. तो आइए जानते हैं दुनिया के सबसे महंगे चावल के बारे में.

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कौन सा है दुनिया का सबसे महंगा चावल

CNN के मुताबिक, जापान का 'किन्मेमई प्रीमियम' (Kinmemai Premium) साल 2016 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे महंगे चावल के रूप में नाम दर्ज कराने वाला अनाज है. सिर्फ कीमत ही नहीं, इसे उगाने का तरीका और इसका अलग स्वाद भी इसे काफी अलग बनाता है. 

840 ग्राम के एक बॉक्स की कीमत करीब 10,800 जापानी येन यानी लगभग करीब 6–7 हजार रुपये पड़ती है, जबकि लॉन्च के समय यह लगभग 9496 येन यानी करीब 9872 रुपये प्रतिकिलो में बिका था. अलग-अलग मार्केट में आज यह 12,500–15,000 रुपये प्रति किलो की कीमत में भी उपलब्ध है.

क्यों है ये चावल इतना महंगा?

किन्मेमई प्रीमियम चावल कोई साधारण अनाज नहीं है. इस चावल को जापानी कंपनी 'टोयो राइस कॉर्पोरेशन' बनाती है और उसके मुकाबिक, ये चावल 5 अलग-अलग बेहतरीन किस्मों का मिश्रण है. इसमें कोशीहिकारी (Koshihikari) और पिकामारू (Pikamaru) जैसे अवार्ड विनिंग चावलों को मिलाया जाता है. खास बात यह है कि इन सीड्स को जापान के बेहतरीन इलाकों जैसे गुन्मा, नागानो और निगाटा से चुना जाता है.

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चावल की महंगाई के पीछे इसकी लंबी चलने वाली प्रोसेसिंग है. इस चावल को कटाई के बाद तुरंत बाजार में नहीं लाया जाता, बल्कि इसे कटने के बाद करीब 6 महीने तक पुराना होने के लिए छोड़ा जाता है. 

कंपनी का दावा करती है कि इस तरह 6 महीने तक छोड़ने से इस चावल का स्वाद और टेक्सचर अधिक निखर जाता है. इसके बाद पेटेंटेड 'बफिंग' टेक्नोलॉजी से चावल के ऊपर की परत हटाई जाती है, जिससे इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं.

स्वाद में कैसा है?

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, जब इस चावल को पकाया जाता है तो इसके दाने किसी कीमती हीरे की तरह चमकते हैं. स्वाद की बात करें तो यह सामान्य चावल के मुकाबले काफी ज्यादा मीठा और नटी टेस्ट वाला होता है. जिन लोगों ने इसे चखा है, उनका कहना है कि इसका टेक्सचर बहुत ही क्रीमी और मक्खन जैसा होता है. यह मुंह में जाते ही घुलने लगता है.

चावल का होता है लिमिटेड प्रोडक्शन

कंपनी का दावा है कि वो हर साल केवल इस चावल के 1000 बॉक्स ही तैयार करती है. एक बॉक्स में छोटे-छोटे 140 ग्राम के 6 पैकेट होते हैं. जापान में इसे लग्जरी गिफ्ट के तौर पर दिया जाता है.

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