डॉक्टर सर्जरी के दौरान हरे और नीले रंग के कपड़े क्यों पहनते हैं? फैशन नहीं बेहद खास है कारण

डॉक्टर सर्जरी के दौरान सफेद कोट छोड़कर हरे और नीले गाउन पहनते हैं, क्या आपने सोचा है आखिर इसके पीछे का कारण क्या होता है. यदि नहीं जानते तो हम आपको इसके पीछे का साइंस बताते हैं.

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सर्जरी के दौरान डॉक्टर डॉक्टर नीले और हरे रंग के कपड़े पहनते हैं. (Photo: ITG) सर्जरी के दौरान डॉक्टर डॉक्टर नीले और हरे रंग के कपड़े पहनते हैं. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:16 PM IST

जिस तरह से अलग-अलग प्रोफेशन की अलग-अलग की ड्रेसेज होती हैं, उसी तरह डॉक्टर्स को अक्सर सफेद लंबा कोट (एप्रिन) पहने देखा जाता है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो डॉक्टर हैं. लेकिन शायद आपने कभी नोटिस किया होगा कि डॉक्टर वैसे तो सफेद रंग का एप्रिन पहनते हैं लेकिन जब वो सर्जरी के लिए जाते हैं तो वो हमेशा अपनी सफेद यूनिफॉर्म छोड़कर हरे या नीले रंग के गाउन में नजर आते हैं. क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है?

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दरअसल, ये महज एक फैशन नहीं, बल्कि डॉक्टर जो सर्जरी के समय नीले और हरे रंग के कपड़े पहनते हैं उसमें उनकी आंखों की थकान से लेकर मरीज की जान बचाने तक का राज छिपा है. यदि आप इस बारे में नहीं जानते तो आइए विस्तार से समझाते हैं.

20 सदीं में पहनते थे सफेद कोट

Boardvitals.com पर दी गई जानकारी के मुताबिक,  20वीं सदी के शुरुआत में सर्जरी के दौरान सर्जन सफेद गाउन ही पहनते थे क्योंकि उसे साफ-सफाई का प्रतीक माना जाता था लेकिन 1918 फ्लू महामारी के बाद एंटीसेप्टिक थ्योरी से मास्क, ग्लव्स और गाउन का चलन और अधिक बढ़ गया. घंटों खून और टिश्यू पर फोकस करने के बाद सफेद रंग तेज रोशनी में चकाचौंध पैदा करता था जिससे सर्जन को सिरदर्द होता था. 

1914 में डॉक्टर हैरी शेरमैन ने हरा गाउन पहनकर सर्जरी की तो उनके आंखों को काफी आराम मिला और इसके बाद धीरे-धीरे सभी डॉक्टर्स ने सफेद कोट पहनना बंद कर दिया.

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नीले और हरे रंग के पीछे का साइंस

Boardvitals.com पर बताया गया है कि हरा रंग कलर व्हील पर लाल रंग का विपरीत कलर है इसलिए सर्जरी में रेड ब्लड देखने के बाद हरा देखने से विजुअल एक्यूरिटी बेहतर होती है और रेड के शेड्स और अधिक साफ दिखने लगते हैं. 

सर्जरी के दौरान जब सर्जन लंबे समय तक लाल रंग पर फोकस करते हैं तो आंख में पाए जाने वाले कोन सेल्स (रंग पहचानने वाले सेंसर) थक जाते और सफेद सतह पर भी हरे धब्बे दिखाई देने लगते हैं लेकिन यदि कोई हरा गाउन देखता है तो उस पर ये गायब हो जाते हैं. ये नेगेटिव आफ्टर-इमेज इफेक्ट आंखों को डिस्ट्रेक्ट नहीं करने देता. 

मरीज की सेफ्टी भी जरूरी

जानकारी के अनुसार, हरा-नीला रंग एनाटोमी को बेहतर दिखाते हैं जिससे सर्जिकल मिस्टेक्स कम होती हैं. नीले और हरे कलर्स शांति प्रदान करने वाला प्रभाव पैदा करते हैं जो हाई स्ट्रेस वाली स्थिति में भी फोकस बढ़ाते हैं. इनमें खून के धब्बे भी कम दिखाई देते हैं और WHO जैसी गाइडलाइंस इन कलर को इंफेक्शन कंट्रोल और विजिविलिटी से भी जोड़ती हैं. इसलिए ये हल्का सा बदलाव घंटों की सर्जरी को सुरक्षित बनाते हैं.

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