अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को तलोजा जेल से दूसरी जेल में न शिफ्ट करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई सेशन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है. सलेम ने मुंबई सत्र न्यायालय में याचिका दायर की थी कि उसे दूसरी जेल में न भेजा जाए क्योंकि उसकी जान को खतरा है. जेल में बंद विरोधी गैंग के बदमाश उस पर हमला कर जान से मार सकते हैं.
आजीवन कारावास की सजा काट रहे सलेम ने दावा किया था कि उसे तलोजा जेल से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय मारने की साजिश है, कुछ महीनों में उसके रिहा होने की संभावना है. सलेम ने कहा है कि वह तलोजा जेल में सुरक्षित महसूस करता है.
अबू सलेम की याचिका खारिज
जेल प्रशासन ने अदालत को बताया कि अबू सलेम वर्तमान कोठरी को फिर से बनाने की जरूरत है और तलोजा में उसके लिए कोई अन्य सुरक्षित कोठरी नहीं है. न्यायाधीश बीडी शेल्के ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सलेम की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने जेल प्राधिकरण से कहा कि वह 3 जुलाई तक आदेश को लागू न करे ताकि गैंगस्टर को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मौका मिल सके.
तलोजा जेल को सुरक्षित बताया
बता दें, साल 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किए गए सलेम को 2017 में 1993 के सिलसिलेवार विस्फोट मामले में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. सलेम 2005 से ही तलोजा जेल में बंद है.
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