CJI और SC के जजों को रिटायरमेंट के बाद मिलेगी 24 घंटे अतिरिक्त सुरक्षा, जानिए सरकार ने क्या-क्या सुविधाएं बढ़ाईं

केंद्र सरकार ने जजों के वेतन भत्तों और सेवा नियमों के अधिनियम 1958 में संशोधन किया है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट जजेज रूल्स 1959 में कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं. सरकार ने नियमों में बदलाव कर सुप्रीम कोर्ट के जजों की सुविधाओं और सेवाओं को बढ़ा दिया है.

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जजों के वेतन भत्तों और सेवा नियमों के अधिनियम 1958 में संशोधन किया गया (सांकेतिक तस्वीर) जजों के वेतन भत्तों और सेवा नियमों के अधिनियम 1958 में संशोधन किया गया (सांकेतिक तस्वीर)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और अन्य जजों को रिटायरमेंट के बाद भी कई सेवाएं और सुविधाएं बढ़ाने का फैसला किया है. नए प्रावधानों के तहत सुप्रीम कोर्ट के ब्रांच ऑफिसर के समकक्ष अधिकारी रिटायर्ड जज के सहायक सचिव के तौर पर एक साल के लिए सेवा में रहेंगे.

इसके अलावा उनको रिटायरमेंट के बाद अगले साल भर के लिए आवास पर 24 घंटे सुरक्षा भी मिलेगी. यह सुविधा नियमित सुरक्षा के अतिरिक्त होगी. रिटायर्ड सीजेआई और जजों को एयरपोर्ट पर बने सेरेमोनियल लाउंज में प्रोटोकॉल सुविधा भी मिलेगी. 

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रिटायरमेंट के बाद टाइप 7 बंगला

संशोधन के तहत अब सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस को सेवानिवृत्ति के बाद अगले छह महीने तक टाइप VII बंगले में आवास की सुविधा मिलेगी. ये सुविधा उनके सेवाकाल वाले निर्धारित बंगले से अलग होगी.

रिटायर्ड जजों के मिलेंगे शोफर

रिटायर्ड चीफ जस्टिस और अन्य जजों को रिटायरमेंट के बाद एक साल तक शोफर (ड्राइवर) की सुविधा मिलेगी. शोफर सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रेगुलर स्टाफ के तौर पर रिटायर्ड जजों की सेवा में रहेंगे.

सरकार ने अधिनियम में किया संशोधन

सरकार ने जजों के वेतन भत्तों और सेवा नियमों के अधिनियम 1958 में संशोधन किया है. सुप्रीम कोर्ट जजेज रूल्स 1959 में कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं. अब इसे सुप्रीम कोर्ट जजेज (अमेंडमेंट) रूल्स 2022 के नाम से भी जाना जा सकता है. ये सभी संशोधन केंद्र सरकार के गजट में अधिसूचित होते ही लागू हो गई हैं.

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