कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच मंत्री जमीर अहमद खान का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी 2028 तक खाली नहीं होने वाली और सिद्धारमैया ही पूरे कार्यकाल तक राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. जमीर अहमद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं बार-बार तेज हो जाती है.
दावणगेरे जिले में मीडिया से बातचीत करते हुए ज़मीर अहमद ने कहा, “मैं यह बात कई बार कह चुका हूं. मुख्यमंत्री की कुर्सी 2028 तक खाली नहीं है. हमारी पार्टी हाईकमान के निर्देशों पर चलती है. मैं फिर दोहरा रहा हूं सिद्धारमैया 2028 तक मुख्यमंत्री रहेंगे.”
गौरतलब है कि 20 नवंबर को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे किए. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सत्ता-साझेदारी (पावर शेयरिंग) के फॉर्मूले और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें एक बार फिर सुर्खियों में आ गईं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जो भी भ्रम है, वह स्थानीय स्तर पर है, हाईकमान के स्तर पर नहीं. उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के आंतरिक विवादों की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को लेनी चाहिए.
सबसे लंबे समय तक सीएम रहने वाले नेता बने सिद्धारमैया
इस राजनीतिक खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. वह कर्नाटक के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ते हुए कुल 2,792 दिन मुख्यमंत्री पद पर पूरे कर लिए. 77 वर्षीय सिद्धारमैया ने 6 जनवरी को उर्स के रिकॉर्ड की बराबरी की थी और इसके बाद नया इतिहास रच दिया.
देवराज उर्स दो कार्यकालों में मुख्यमंत्री रहे थे. पहला कार्यकाल 1972 से 1977 तक और दूसरा 1978 से 1980 तक. सिद्धारमैया भी दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं और उर्स के बाद वह एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने राज्य में पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. अपने पहले कार्यकाल (2013-2018) में उन्होंने 1,829 दिन और मौजूदा दूसरे कार्यकाल में अब तक 963 दिन पूरे कर लिए हैं.
नागार्जुन