दिल्ली हाई कोर्ट से अग्रिम ज़मानत की अर्जी ठुकराए जाने के बाद हनीप्रीत के पास अब क़ानूनी राहत के ज़्यादा रास्ते नहीं बचे हैं... एक तो हनीप्रीत फिर से अग्रिम ज़मानत के लिए पंजाब एक हरियाणा हाई कोर्ट या सेशन कोर्ट जा सकती है, दूसरा सरेंडर कर जांच में शामिल हो सकती है... ऐसे में ये देखना अहम होगा कि आख़िर वो कौन सा रास्ता चुनती है?