शायद ऐसी ही वारदातों को सुनकर लोग तकदीर के होने और ना होने पर बहस करने लगते हैं. गुजरात के एक परिवार के लिए ये दूसरा मौका है, जब उन्होंने अमरनाथ यात्रा में किसी अपने को खोया है. नवसारी के प्रजापति परिवार की चंपाबेन इस बार आतंकवादी हमले में मारी गई, जबकि क़रीब बीस वर्ष पहले इसी अमरनाथ यात्रा के दौरान चंपाबेन की मां और दादा भू-स्खलन और हार्ट अटैक की वजह से मारे गए थे.