आजतक धर्म संसद कार्यक्रम में बद्रीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल ने शिरकत की. उन्होंने बद्रीनाथ धाम के महत्व को समझाते हुए कहा कि 'जो जाय बद्री वो न आये उदरी', यानी वहां दर्शन करने वाले को मोक्ष मिलता है और वह जीवन-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बद्रीनाथ धाम किसी बौद्ध मठ को तोड़कर नहीं बना है, यह सतयुग का धाम है. देखिए.