वसीम रिजवी सनातन धर्म को अपनाकर अब जीतेंद्र नारायण सिंह त्यागी बन गए हैं. हालांकि सत्ताधारी दलों के साथ रिश्ता वो समय-समय पर पहले बदलते रहे हैं. रिजवी भले आज धर्मांतरण कर धर्मत्यागी बन गए हो, लेकिन उनकी पत्नी, उनके बच्चे जब तक खुद अपनी इच्छा से धर्म नहीं बदलते, वो मुस्लिम ही रहेंगे. अब सवाल ये है कि आगे उनके परिजन किस धर्म के कानून से चलेंगे? क्या परिवार में संपत्ति, शादी, तलाक समेत हर तरह की प्रक्रिया परिजनों के मुस्लिम धर्म के मुताबिक ही चलेगी या हिंदू धर्म के हिसाब से. जानने के लिए देखें ये वीडियो.
Wasim Rizvi has now become Jitendra Narayan Singh Tyagi by adopting Sanatan Dharma. But until his wife, children do not change the religion of their own volition, they will remain Muslim. Now the question is, what religion will their families follow in the future? Watch this video to know the opinion of a retired judge.