उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के बड़े शहरों में बार रात 2 बजे तक और फाइव स्टार होटलों में सुबह 4 बजे तक खुले रखने का फैसला लिया है. नगर निगम के अंतर्गत आने वाले बार में समय सीमा एक घंटे बढ़ाई गई है. गाजियाबाद और नोएडा में बार नगर निगम के अंतर्गत आते हैं. वहीं, फाइव स्टार होटल में समय सीमा दो घंटे बढ़ाई गई है. ये नई समय सीमा 1 अप्रैल से लागू होगी. नई समय सीमा के लिए बार और होटलों को अतिरिक्त फीस देनी होगी. सरकार ने आबकारी से राजस्व बढ़ाने के लिए ये फैसला लिया है.
यूपी के प्रमुख शहरों के फाइल स्टार होटलों में लाइसेंस प्राप्त बार पहले 1 बजे या 3 बजे तक खुले रह सकते थे. पहले के विपरीत अब छोटे शहरों के होटल भी शराब लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने पिछले सप्ताह 2020-21 की आबकारी नीति के तहत अपनी मंजूरी दी थी जिसके तहत देशी शराब बेचने के लिए लाइसेंस शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई. बीयर परोसने के लाइसेंस में 15 फीसदी और विदेशी शराब बेचने के लाइसेंस में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.
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सरकार ने एक सरल और पारदर्शी आबकारी नीति बनाई है. अब लाइसेंस का नवीनीकरण ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. नई नीति के तहत, एक व्यक्ति को राज्य में केवल दो दुकानों की अनुमति होगी. सरकार की कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया. बीयर की दुकानों पर अब शराब बेचने की अनुमति होगी. लग्जरी ट्रेन में शराब परोसने के लिए लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा, जो पहले मुफ्त था. एयरपोर्ट के बाहर स्थित एयरपोर्ट लाउंज और होटलों को भी लाइसेंस दिया जाएगा, जहां एयरलाइन के यात्री रुकते हैं.
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सभी शराब की बोतलों पर बारकोड होंगे ताकि उपभोक्ता नकली शराब की जांच कर सकें. बड़े शहरों में 50 कमरों वाले होटलों में शराब परोसने का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 1 अप्रैल से 10 लाख रुपये होगा. इनमें गौतम बुद्ध नगर या नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, लखनऊ और वाराणसी शामिल हैं.
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