एक मंडप, 6 शादी... UP में दादा-दादी, माता-पिता और बेटे-बेटियों ने एक साथ लिए सात फेरे

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक ही मंडप में छह जोड़ों ने शादी की. एक ही मंडप के नीचे दादा-दादी, माता-पिता और उनके बेटे-बेटियों ने अग्नि के सात फेरे लिए और एक दूसरे को वरमाला पहनाया.

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एक ही मंडप में छह जोड़ों ने लिए सात फेरे एक ही मंडप में छह जोड़ों ने लिए सात फेरे

विधु शेखर मिश्रा

  • सोनभद्र,
  • 26 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST
  • उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की घटना
  • अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक ही मंडप में छह जोड़ों की शादी पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. इस अनोखी शादी की चर्चा का कारण जब आप जानेंगे तो सोचने पर मजबूर हो जाएंगे. दरअसल, एक सामाजिक मान्यता को अमली जामा पहनाने के लिए तीन पीढ़ियों ने एक ही मंडप में सामूहिक विवाह रचाया.

इस शादी में मंडप के नीचे दादा-दादी, माता-पिता और उनके बेटे-बेटियों ने अग्नि के सात फेरे लिए और एक दूसरे को वरमाला पहनाया. इस शादी को अंजाम तक पहुंचाने में तीसरी पीढ़ी की सपना को सारा श्रेय जाता है, जिसकी जिद ने सभी को इस शादी करने के लिए राजी कर लिया और हंसी-खुशी सभी विवाह के बंधन में बंध गए. 

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अब आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर वो कौन सा कारण है कि तीन पीढ़ियों को एक साथ शादी के बंधन में बंधना पड़ा? तो इसके पीछे की कहानी ये है कि तीनों पीढ़ियों में सभी ने प्रेम विवाह किया था और उन्हें हिन्दू रीति-रिवाजों के मुताबिक सामाजिक मान्यता नहीं मिली थी. तीसरी पीढ़ी की सपना के दोनों भाइयों ने भी प्रेम विवाह किया था.

जब सपना और उसकी बहन की शादी की बारी आई तो सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न ये उठ खड़ा हुआ कि कन्यादान कैसे होगा, क्योंकि किसी को भी सामाजिक मान्यता नहीं थी. इसके बाद सभी ने फैसला किया की सभी रस्मो-रिवाज को निभाते हुए शादी की रस्म निभाई जाए. सपना के दादा-दादी, माता-पिता, दोनों भाई ने शादी की रस्म निभाया.

सबसे पहले राम प्रसाद और सुभगिया देवी (दादा-दादी), फिर पिता नंदकुमार और सबसे आखिर में दोनों भाइयों ने हिन्दू रीति-रिवाज के मुताबिक शादी की रस्म को निभाया. इस शादी के संपन्न होने बाद सपना और उसकी बहन की शादी हुई, जिसका कन्यादान पिता नंदकुमार ने किया.

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