पूर्वांचल साधने का प्लान, आजमगढ़ में भी अखिलेश बनाएंगे 'आशियाना'

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का यह कैंप आवास आजमगढ़ के अनवरगंज में बनेगा. इसके लिए आजमगढ़ शहर से सटे मुख्य मार्ग पर एक एकड़ जमीन देखी गई है.

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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो-PTI) सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो-PTI)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 23 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:37 PM IST
  • आजमगढ़ में होगा अखिलेश यादव का कैंप आवास
  • विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अखिलेश की तैयारी
  • आजमगढ़ से ही सांसद हैं सपा प्रमुख अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश में भी साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अखिलेश यादव ने पूर्वांचल के समीकरण के ध्यान में रखते हुए एक नया कदम उठाया है. लखनऊ में रहने वाले अखिलेश यादव का अब आजमगढ़ में भी कैंप आवास होगा.

सपा प्रमुख का यह कैंप आवास अनवरगंज में बनेगा. इसके लिए आजमगढ़ शहर से सटे मुख्य मार्ग पर एक एकड़ जमीन देखी गई है. माना जा रहा है कि पूर्वांचल की 117 सीटों पर सपा की नजर है और वहां के समीकरण साधने के लिए यह कदम उठाया गया है. ताकि अखिलेश यादव खुद वहां डेरा जमा सकें और पार्टी के पक्ष में माहौल बना सकें. 

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गौरतलब है कि आजमगढ़ से अखिलेश यादव सांसद चुने गए हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश ने इसी सीट से चुनाव लड़ा था. अखिलेश ने बीजेपी प्रत्याशी और मशहूर भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव निरहुआ को भारी अंतर से हराया था. इस सीट पर 2014 में अखिलेश यादव के पिता और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने चुनाव जीता था. इलाके में यादव वोट काफी संख्या में है लिहाजा यहीं से पूर्वांचल के समीकरण साधने के मकसद से अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में कैंप आवास बनाने की योजना बनाई है. 

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दूसरी तरफ अखिलेश यादव छोटे दलों से गठबंधन करने की योजना पर भी काम कर रहे हैं. उन्होंने इस बार किसी भी बड़े दल के साथ मिलकर चुनाव न लड़ने की बात कही है. दरअसल, 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ने पर भी पार्टी को कोई फायदा नहीं मिला था. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव सपा ने बसपा से भी गठबंधन किया लेकिन वो भी नहीं काम आया. कड़वे अनुभव के बाद अब अखिलेश यादव ने 2022 के लड़ाई अपने दम पर ही लड़ने का फैसला किया है. हालांकि, छोटे दलों से गठजोड़ के क्रम में उनके अपने चाचा शिवपाल यादव की पार्टी से फिलहाल बात नहीं बन पा रही है और वो अलग राह पर निकल गए हैं.

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