दीवार गिरते ही होने लगी चांदी के सिक्कों की 'बरसात', जानें पूरा मामला

बदायूं में जर्जर मकान को नगर पालिका प्रशासन ने गिरवाया तो उसकी दीवार से चांदी के सिक्के गिरना शुरू हो गए. चांदी के सिक्कों की संख्या 168 बताई जा रही है. जिन्हें तहसील प्रशासन ने जमा कर लिया है. यह सिक्के वर्ष 1890 के बता जा रहे हैं. एक सिक्के का औसतन वजन करीब 10 ग्राम के करीब है.

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दीवार के मलबे में निकले चांदी के सिक्के (फोटो-आजतक) दीवार के मलबे में निकले चांदी के सिक्के (फोटो-आजतक)

अंकुर चतुर्वेदी

  • बदायूं ,
  • 11 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST

उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद के बिल्सी में उस समय चांदी के सिक्कों की 'बरसात' होने लगी. जब नगर पालिका के बुलडोजर ने जर्जर मकान को गिराया. चांदी के सिक्के मिलते ही वहां मौजूद लोगों ने लूटने की कोशिश की. सिक्के निकलने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोक दिया गया. चारों तरफ घेराबंदी करा दी गई. खंडहर नुमा यह मकान सिद्धपुर गांव निवासी माधवराम का है. बंटवारे के विवाद में इसका निर्माण नहीं हो पाया था. जिसके बाद यह मकान खंडहर में बदल गया. 

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नगर पालिका परिषद ऐसे भवनों और मकानों का गिरा रहा है, जो बेहद ही जर्जर हालत में पड़े हैं. एसडीएम का कहना है कि बारिश की वजह से पुराना मकान गिरने की अवस्था में था. नगर पालिका प्रशासन ने मकान मालिक को नोटिस भी जारी किया था. इसके बाद भी उन्होंने मकान को नहीं गिराया. सोमवार को सुबह अधिशासी अधिकारी जेपी यादव ने नगर पालिका कर्मियों के साथ मकान को ध्वस्त कराना शुरू किया तो उसमें चांदी के सिक्के निकलने लगे.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उस जगह की घेरा बंदी शुरू की. रास्ता बंद कर चांदी के सिक्के निकलने वाली जगह को सुरक्षित कर दिया गया. मकान में निकले सिक्कों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. चांदी के सिक्कों की संख्या 168 बताई जा रही है. जिन्हें तहसील प्रशासन ने जमा कर लिया है. जानकार इन सिक्कों को वर्ष 1890 के बता रहे हैं. एक सिक्के का औसतन वजन करीब 10 ग्राम के करीब बताया जा रहा है. बाजार में इसकी कीमत करीब एक हजार रुपये बताई जा रही है.

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स्थानीय लोगों की मानें तो यह मकान काफी पुराना था.  पिछले 3 दिन से हो रही लगातार बारिश की वजह से यह टूट कर गिर रहा था. इसकी वजह से हादसा होने की आशंका बनी थी. जानकारी नगरपालिका बिल्सी को हुई तो उसने मकान गिराने की प्रक्रिया शुरू की. ताकि बारिश की वजह से कोई हादसा ना हो जाए.
 

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