भूमि पूजन में काशी के चार कर्मकांडी ब्राह्मण भी हुए शामिल, तीन दिन ऐसे चला कार्यक्रम

राम जन्मभूमि के पूजन से लेकर पूजन कराने वाले और वहां शरीक होने वाले कुछ चुनिंदा लोग रहे, जो इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने. उन्हीं में कर्मकांड कराने वालों में काशी के भी चार कर्मकांडी ब्राह्मण प्रमुख आचार्य, उपाचार्य और दो सहायक के रूप में मौजूद थे.

Advertisement
काशी के चार कर्मकांडी ब्राह्मण हुए शामिल काशी के चार कर्मकांडी ब्राह्मण हुए शामिल

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 05 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:59 PM IST

  • अयोध्या में शुभ मुहूर्त में किया गया भूमि पूजन
  • पीएम ने चावल अक्षत शिलाओं पर किए अर्पित

अयोध्या में राम जन्मभूमि पूजन और शिलान्यास को लेकर जिस घड़ी का दुनिया के सनातनियों को बेसब्री से इंतजार था, उसके गवाह बनने वालों में काशी के उन चार कर्मकांडी ब्राह्मणों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने लगभग साढ़े 39 मिनट के अंदर पूजन कार्य संपन्न कराया. शुभ मुहूर्त के 32 सेकंड के भीतर ही शिलाओं पर चावल अक्षत अर्पित करके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजन को संपन्न किया.

Advertisement

राम जन्मभूमि के पूजन से लेकर पूजन कराने वाले और वहां शरीक होने वाले कुछ चुनिंदा लोग रहे, जो इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने. उन्हीं में कर्मकांड कराने वालों में काशी के भी चार कर्मकांडी ब्राह्मण प्रमुख आचार्य, उपाचार्य और दो सहायक के रूप में मौजूद थे. जिसमें प्रमुख आचार्य पंडित जयप्रकाश त्रिपाठी, उपाचार्य पंडित अरुण दीक्षित और दो सहायकों में नारायण उपाध्याय और गजानंद ज्योतकर रहे.

यह भी पढ़ें: टीवी पर देखा भूमि पूजन, अयोध्या नहीं आ सके 92 साल के रामलला के वकील परासरण

तीन दिनों के पूजन कार्यक्रम के बारे में और पीएम मोदी को भूमिपूजन और शिलान्यास कराने वाले उपाचार्य अरुण दीक्षित ने बताया कि पहले दिन सोमवार को रामलला विराजमान स्थल पर महागणपति होम एक हजार लड्डूओं से हुआ. जिसके बाद गृह शांति की पूजा हुई. अगले दिन उसी स्थान पर रामार्चन, वास्तु शांति और 9 शिलाओं का संस्कार हुआ. जहां तीस कलशों का भी स्नान, पूजन करके आह्वान करके शिलाओं के स्थापन के लिए आहुतियां हुईं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सीएम योगी बोले- अयोध्या-मथुरा-काशी से मिलेगी इकोनॉमी को ताकत

उपाचार्य पंडित अरुण दीक्षित ने बताया कि आज तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 12 बजकर 15 मिनट पर आना था, लेकिन वे 10 मिनट पहले ही पहुंच गए. आते ही उन्होंने देश जनानाम प्रतिनिधि यानि समस्त देशवासियों के प्रतिनिधि के तौर पर समस्त लोक के लिए कल्याण का संकल्प लिया. फिर क्रियाओं की शुरुआत गणेश स्मरण, भगवान राम के परिवार का स्मरण, हनुमान स्मरण और काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का भी स्मरण हुआ. जिसके बाद शांति पाठ किया गया.

आशीर्वाद दिया

उन्होंने बताया कि ठीक शुभ मुहूर्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चावल अक्षत शिलाओं पर अर्पित किए और बोला गया सुप्रतिष्ठित: संतु, जिसका मतलब होता है कि इस शुभ मुहूर्त में ये शिलाएं प्रतिष्ठित हो जाएं. जिसके बाद सभी ब्रह्मणों ने पीएम मोदी को आशीर्वाद दिया. उन्होंने बताया कि काशी के चार कर्मकांडी ब्राह्मणों के अलावा अयोध्या से 15-16 ब्राह्मण और वृंदावन से एक ब्राह्मण गंगाधर पाठक भी मौजूद रहे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement