कोरोना वायरस के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश धार्मिक आयोजनों पर भी रोक लगाते हुए लोगों से अपने घर पर रहकर ही पूजा करने की अपील की है. मां वैष्णो देवी और मां कामाख्या के मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद किए जा चुके हैं. इस बीच अब उत्तर प्रदेश के भी दो प्रमुख मठ-मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लग गई है.
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर को 21 मार्च से 24 मार्च तक श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाएगा. हालांकि, इस दौरान पुजारियों की नियमित पूजा-अर्चना पर रोक लागू नहीं होगी. पुजारी मंदिर में प्रवेश कर दैनिक पूजा-अर्चना करते रहेंगे. जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने यह आदेश दिया है. इस दौरान मंदिर के पुजारियों के अलावा आम दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ ही काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव का मंदिर भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. मंदिर के महंत परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पूजा-अर्चना होती रहेगी. श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है.
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इसके अलावा गोरखपुर के गोरखनाथ पीठ को भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है. गोरखनाथ पीठ श्रद्धालुओं के लिए 31 मार्च तक बंद रहेगा. हालांकि, इस दौरान गोरखनाथ पीठ में नियमित भोग और आरती आम दिनों की तरह होती रहेगी. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही इस मठ के महंत हैं.
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बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए मंदिर प्रशासन ने पहले भी एहतियाती कदम उठाया था. मंदिर प्रशासन ने दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के हाथ धुलवाने के लिए कर्मचारी तैनात किए थे. हैंडवॉश से हाथ धुलवाने के बाद ही दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था. अब देश में तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.
कुमार अभिषेक