कोरोना वायरस की महामारी से बचाव के लिए एहतियाती इंतजाम करने में धार्मिक स्थल भी पीछे नहीं हैं. कई प्रमुख मंदिर जहां बंद हो गए हैं, वहीं कई मंदिरों में बाकायदा श्रद्धालुओं का हाथ धुलवाने से लेकर सैनिटाइजर तक के इंतजाम किए गए हैं. ऐसे मंदिरों की सूची में अब पटना के प्राचीन महावीर मंदिर का भी नाम जुड़ गया है.
कोरोना वायरस का असर अब प्राचीन महावीर मंदिर पर भी पड़ने लगा है. एहतियातन मंदिर प्रशासन ने कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, साथ ही यह भी साफ किया है कि मंदिर बंद नहीं किया जाएगा. मंदिर में फूल और प्रसाद चढ़ाने पर रोक लगा दी गई है. मंदिर के कर्ताधर्ता आचार्य किशोर कुणाल ने कहा है कि मंदिर में घंटा बजाने पर भी रोक लगा दी गई है.
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उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे श्रद्धालु हैं, जो बगैर दर्शन किए भोजन ग्रहण नहीं करते. दर्शन के बाद ही भोजन उनकी जीवनचर्या का अंग है. किशोर कुणाल ने कहा कि ऐसे श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए ही मंदिर को बंद नहीं करने का निर्णय लिया गया है. किशोर कुणाल ने बताया कि महावीर मंदिर देश के उन चंद मंदिरों में से एक है, जहां प्रतिदिन 18 घंटे ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन ने एहतियातन ऑनलाइन प्रसाद चढ़ाने की व्यवस्था शुरू की है.
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महावीर मंदिर के कर्ताधर्ता ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग करने वाले श्रद्धालुओं का प्रसाद भोग लगाकर उनके घर तक भेजने का प्रबंध किया गया है. उन्होंने कहा कि बहुत से लोग कर्मकांड कराने के लिए भी मंदिर आते हैं. मंदिर में 19 पुजारी हैं, वे घर जाकर सेवा दे सकते हैं. कुणाल ने कोरोना के खतरे के कारण मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आने की बात स्वीकार की. गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और संक्रमित लोगों का आंकड़ा 250 के पार पहुंच गया है.
सुजीत झा