सिंधु जल समझौते के लिए गठित आयोग की 115 वीं बैठक इस महीने की 29 से 30 तारीख को लाहौर में रखी गई है. इसमें भारत की ओर से कमिश्नर पीके सक्सेना प्रतिनिधित्व करेंगे. वहीं, पाकिस्तान की ओर से सैयद मोहम्मद मेहर अली शाह अगुवाई करेंगे.
सिंधु आयोग का गठन भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में साइन किए गए सिंधु जल समझौते के तहत किया गया था. समझौते के तहत दोनों देशों के कमिश्नर साल में कम-से-कम एक बार मिलते हैं. ये बैठक बारी-बारी से भारत और पाकिस्तान में रखी जाती है. पिछली बैठक 29 से 30 मार्च 2018 को नई दिल्ली में हुई थी.
सिंधु जल समझौते के तहत तीन पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलुज समेत पश्चिमी नदियों सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी आता है. हालांकि, भारत के पास पश्चिमी नदियों को लेकर कुछ अधिकार हैं, जिसके मुताबिक वह हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर का उत्पादन कर सकता है.
पाकिस्तान का मानना है कि चिनाब बेसिन में भारत द्वारा बनाए जा रहे भारतीय हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट समझौते का उल्लंघन है., वहीं भारत का मानना है कि ये हमें इसे बनाने की अधिकार है और ये समझौते का पूरी तरह पालन करते हैं.
संभावना जताई जा रही है कि पाकिस्तान इन दो प्रोजेक्ट को लेकर कुछ तकनीकी मुद्दों को चर्चा में उठा सकता है. इसके अलावा हमेशा की तरह जानकारियों के आदान-प्रदान समेत बैठक और यात्रा से जुड़े कार्यक्रम पर भी बात हो सकती है.
राहुल झारिया