रक्तदान जीवनदान है... लेकिन इसकी कमी से भारत में हर छठे मिनट एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. 1 फरवरी 2019 तक देश में कुल 3108 ब्लड बैंक हैं. इसमें 1101 सरकारी और 2007 निजी हैं. लोकसभा में पेश दस्तावेज के अनुसार 2016-17 में देश में कुल 11,094,145 करोड़ यूनिट्स ब्लड जमा किया गया. जबकि, देश को जरुरत थी 13,057,269 करोड़ यूनिट की. यानी 15 फीसदी (1,963,124 यूनिट्स) खून की कमी रहती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हर यूनिट में 450 मिलीलीटर खून होता है. यानी हर साल देश में 883,405 लीटर खून की कमी रहती है.
खून की इतनी कमी होने के बावजूद 2014 से लेकर 2017 तक 3,478,607 लाख ब्लड यूनिट बर्बाद हुआ. ऐसा सिर्फ खून के रखरखाव में कमी की वजह से होता है. यानी, देश में हर साल करीब 521,791 लीटर खून बर्बाद हो रहा है. डब्ल्यूएचओ के अनुसार एक यूनिट में 450 मिलीलीटर खून होता है. एक यूनिट से तीन लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है.
लोकसभा में पेश रिपोर्ट के मुताबिक देश में 14 राज्यों के 76 जिलों में अब भी ब्लड बैंक नहीं है. देश में अपनी जरूरत से ज्यादा खून सिर्फ चार राज्यों में ही जमा होता है. ये राज्य हैं - महाराष्ट्र, प. बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु. उत्तर प्रदेश भी ज्यादा खून जमा करने वाले राज्यों में है लेकिन वह अपनी जरूरत भी पूरी नही कर पा रहा है.
जानिए... किस साल कितने यूनिट बर्बाद हुआ खून
2014-15 - 1,019,0952015-16 - 1,277,658
2016-17 - 1,181,854
सबसे ज्यादा खून जमा करने वाले पांच राज्य और उनकी जरूरतसबसे कम खून जमा करने वाले पांच राज्य और उनकी जरूरत
देश के 14 राज्यों के 76 जिलों में अब भी ब्लड बैंक नहीं
अरुणाचल प्रदेशः 14
मणिपुरः 12
नगालैंडः 9
असमः 8
बिहारः 5
मेघालयः 5
जम्मू-कश्मीरः 5
छत्तीसगढ़ः 4
झारखंडः 4
तेलंगानाः 4
सिक्किमः 2
अंडमान-निकोबारः 2
मध्यप्रदेशः 1
हिमाचल प्रदेशः 1
ऋचीक मिश्रा