लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक लॉकडाउन पर ब्लू प्रिंट बनाकर देने की बात कही थी. लॉकडाउन के तीसरे चरण के खत्म होने से पांच दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को फिर एक बार देश को संबोधित करेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्रियों के सुझाव से पहले ही पीएम मोदी लॉकडाउन पर अपना फैसला देश की जनता के सामने रख देंगे?
पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार रात 8 बजे देश से मुखातिब होंगे और सरकार की ओर से कोरोना को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताएंगे. सूत्रों की मानें तो पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से आज लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान किया जा सकता है. इस चरण लोगों में ज्यादा छूट दी जा सकती है. साथ ही पीएम मोदी, देश के सामने सिलसिलेवार लॉकडाउन का एग्जिट प्लान का ऐलान कर सकते हैं. इसके अलावा लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाने की अपील भी कर सकते हैं.
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हालांकि, सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में कई मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाने की वकालत की थी तो कुछ मुख्यमंत्रियों ने खत्म करने की सिफारिश की थी. ऐसे में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक यह बताने को कहा है कि वे अपने राज्य में कैसा लॉकडाउन चाहते हैं. उन्होंने राज्यों से लॉकडाउन से निपटने के संबंध में व्यापक रणनीति बनाने को कहा है.
पीएम मोदी ने कहा लॉकडाउन में क्रमिक ढील के दौरान और बाद में विभिन्न बारीकियों से निपटने के लिए एक खाका बनाना चाहिए. हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कैसे और अधिक आर्थिक गतिविधियां चल सकती हैं. पीएम मोदी ने बैठक के दौरान यह भी कहा था कि कोरोना के बाद एक नई जीवनशैली विकसित होगी. देश में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं उसको भी नए नजरिए से देखना होगा. टेक्नॉलॉजी को ध्यान में रखकर शिक्षा के नए मॉड्यूल विकसित करने होंगे.
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मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दूसरे दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करने जा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्रियों के सुझाव से पहले ही पीएम देश के सामने लॉकडाउन को लेकर अपनी नीति स्पष्ट कर सकते हैं. इससे पहले भी पीएम लोगों को अपने फैसलों से आश्चर्यचकित कर चुके हैं.
हालांकि, देश कई राज्य सरकारों ने लॉकडाउन बढ़ाने की मांग उठाई थी, जिनमें गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ज्यादातर शामिल थे. वहीं, बीजेपी शासित राज्य के गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा के सीएम ने लॉकडाउन को खत्म कर आर्थिक गतिविधियों में छूट देने के पक्ष में अपनी बात रखी थी. ऐसे में पीएम के राष्ट्र को संबोधन पर सब की निगाहें हैं कि वो क्या फैसला लेते हैं.
सूत्रों की मानें तो पीएम अब राज्यों को भी लॉकडाउन के नियमों से निपटने का अधिकार दे सकते हैं ताकि जिन नियमों को वे लागू करना चाहते हैं उन्हें लगा सकें. पीएमओ के मुताबिक राज्यों को लॉकडाउन को आसान बनाने के लिए रणनीति पर चर्चा करनी चाहिए क्योंकि वे पीएम से शिकायत कर रहे हैं कि अगर लंबे समय तक यह जारी रहा तो उनकी अर्थव्यवस्थाएं दिवालिया हो जाएंगी.
कुबूल अहमद