सचिन पायलट आज कर सकते हैं बागी विधायकों से मुलाकात, फिर लेंगे फैसला

राजस्थान में सियासी उठापटक तेजी से नई शक्ल लेते जा रहा है. इस बीच खबर है कि सचिन पायलट आज बागी विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं. ये बागी विधायक मानेसर में ठहरे हुए हैं.

Advertisement
सचिन पायलट (फाइल फोटो-PTI) सचिन पायलट (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

  • मानेसर में रूके हैं सभी बागी विधायक
  • सचिन पायलट कर सकते हैं मुलाकात

राजस्थान में सियासी उठापटक तेजी से नई शक्ल लेते जा रहा है. सचिन पायलट की बगावत पर कांग्रेस के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे का कहना है कि पायलट के लिए पार्टी के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. इस बीच खबर है कि सचिन पायलट आज बागी विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं. ये बागी विधायक मानेसर में ठहरे हुए हैं.

Advertisement

गौरतलब है कि कांग्रेस से बागी हुए विधायकों को नोटिस जारी किया गया है. कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी की विधानसभा की सदस्यता खत्म करने की याचिका पर नोटिस दिया गया है. विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की ओर से नोटिस जारी किया गया है. 17 जुलाई दोपहर 1 बजे तक विधानसभा भवन में जवाब देने की बात कही गई है.

पायलट समर्थक विधायकों की सदस्यता का क्या होगा? जानिए कानूनी पहलू क्या है

यह नोटिस सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पी.अर.मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत को भेजा गया है.

नोटिस मिलने के बाद सभी बागी विधायकों ने कानूनी विकल्प पर विचार करना शुरू कर दिया है. बागी विधायकों का कहना है कि पार्टी का व्हिप विधानसभा सत्र के दौरान लागू होता है. इस समय कोई विधानसभा सत्र नहीं चल रही है, ऐसे में पार्टी के व्हिप का पालन अनिवार्य नहीं है.

Advertisement

सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को स्पीकर सीपी जोशी ने भेजा नोटिस

इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि जब विधानसभा का सत्र चलता है तभी नोटिस जारी करने का अधिकार होता है. ऐसे में पायलट समर्थक कोर्ट का रास्ता अपना सकते हैं. अगर कोर्ट में जाकर अपना जवाब दें कि हम पार्टी विरोधी गतिविधियों में नहीं है तो ऐसे में विधानसभा स्पीकर सदस्यता रद्द करने का फैसला टाल भी सकते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement