राजस्थान कांग्रेस में सुलह की शुरुआत हुई तो BJP में घमासान मचने वाला है. अपनी नई राजनीतिक पारी खेलने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर पहुंच चुकी हैं. अब BJP से अलग होकर चार दिनों की धार्मिक राजनीतिक यात्रा पर निकल रही हैं. वसुंधरा गुट इसे बड़े शक्ति प्रदर्शन का रूप देने में लगा हुआ है.
वसंधुरा राजे पांच जिलों के लिए अपनी धार्मिक यात्रा का शंखनाद करने जयपुर पहुंच चुकी हैं. उनके जारी हुए आधिकारिक धार्मिक यात्रा कार्यक्रम के तहत वह 23 नवम्बर को सांवरिया सेठ के दर्शन करेंगी. यात्रा की शुरुआत चित्तौड़गढ़ से होगी. इसके बाद 26 नवंबर को अजमेर ज़िले में ब्रह्माजी के दर्शन कर इसका समापन करेंगी. अपनी यात्रा के दौरान वह बांसवाड़ा ज़िले में त्रिपुरा सुंदरी, उदयपुर में एकलिंगनाथ जी और राजसमंद में श्रीनाथ जी के दर्शन करेंगी.
साल 2013 और 2018 में भी की थी यात्रा
वसुंधरा राजे ने विधानसभा चुनाव 2013 और 2018 में भी अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत की थी. राजस्थान के BJP के इतिहास में पहली बार कोई BJP का नेता पार्टी से अलग होकर अपनी यात्रा निकाल रहा है, मगर पार्टी के सभी बड़े नेता खामोश हैं. वसुंधरा राजे के मंत्रिमंडल में शामिल रहे मंत्री यूनुस ख़ान, राजपाल सिंह, कालीचरण सर्राफ़ और BJP के प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक परनामी जैसे लोग यात्रा की कमान संभाल रहे हैं.
प्रदेश बीजेपी की ओर से केंद्र को दी जा रही है हर कदम की सूचना
वसुंधरा राजे के निवास से BJP के विधायकों को फ़ोन कर कहा जा रहा है कि वह यात्रा की सफलता की ज़िम्मेदारी संभालें. उधर बताया जा रहा है कि प्रदेश BJP के लोग वसुंधरा के हर क़दम की सूचना केन्द्र को दे रहे हैं. वसुंधरा अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत तब कर रही हैं, जब राजस्थान में हुए दोनों उपचुनावों में BJP को तीसरा और चौथा स्थान मिला है. माना जा रहा है कि अपनी धार्मिक यात्रा के ज़रिए वह BJP हाईकमान को अपनी ताक़त दिखाना चाहती है.
शरत कुमार