पठानकोट हमला- आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए पूर्व अंतरराष्ट्रीय राइफल निशानेबाज फतेह

फतेह सिंह ने 1995 में पहली राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत के लिए एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था. फतेह सिंह 51 साल के थे और डिफेंस सिक्यॉरिटी कोर का हिस्सा थे. वह फिलहाल डोगरा रेजिमेंट के साथ थे.

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फतेह सिंह आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए फतेह सिंह आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए

अकरम शकील

  • पठानकोट,
  • 03 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:52 PM IST

पूर्व अंतरराष्ट्रीय राइफल निशानेबाज सूबेदार मेजर (रिटायर्ड) फतेह सिंह शनिवार को पठानकोट में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए. फतेह सिंह ने 1995 में पहली राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत के लिए एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था. फतेह सिंह 51 साल के थे और डिफेंस सिक्यॉरिटी कोर का हिस्सा थे. वह फिलहाल डोगरा रेजिमेंट के साथ थे.

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भारत में निशानेबाजी की संचालन संस्था भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय निशोनबाज फतेह सिंह के निधन पर शोक जताया है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए.

एनआरएआई ने कहा, ' के दौरान मातृभूमि के लिए लड़ते हुए सूबेदार फतेह सिंह ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए. सूबेदार फतेह सिंह बिग बोर के दिग्गज निशानेबाज थे. उन्होंने 1995 में नई दिल्ली में पहली राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिफ के दौरान गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता था.'

गुरदासपुर के हवलदार कुलवंत सिंह भी शहीद
शहीद होने वाले जवानों में गुरदासपुर के हवलदार कुलवंत सिंह भी शामिल हैं. कुलवंत सिंह कुछ दिन की छुट्टी पर घर आए थे और 29 दिसंबर को ही ड्यूटी पर एयरफोर्स स्टेशन लौटे थे.

जांबाज जवानों और सुरक्षाबलों को बधाई: PM
दूसरी ओर, मैसूर में कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पठानकोट में चलाए गए सुरक्षा ऑपरेशन की सराहना की. उन्होंने कहा, 'हमारे सुरक्षाबलों में ऐसी कोशिशों का मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत है. ऐसे मौके पर सबको एक साथ होना चाहिए. हमें अपने देश को अपने सैनिकों पर गर्व है. जांबाज जवानों और सैनिकों को बधाई.'

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अभी जारी है ऑपरेशन: रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री मनोहर परिर्कर ने 'आज तक' से कहा कि हमले के फौरन बाद सभी की है. उन्होंने कहा, 'अभी ऑपरेशन जारी है. मैं हमले में शहीद हुए जवानों को नमन करता हूं.' पश्चि‍मी एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल एसबी देव खुद पठानकोट में मौके पर पहुंच चुके हैं और सेना, एनएसजी और स्थानीय पुलिस के संपर्क में हैं. रक्षा बल से कुलवंत सिंह, फतेह सिंह और वायु सेना गरूड़ कमांडो गुरसेवक सिंह शहीद हो गए हैं.

आतंकी हमले के मद्देनजर दिल्ली समेत देश के सभी बड़े शहरों और पर रखा गया है. इससे पहले दिन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल समेत तीनों सेना के प्रमुखों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को कार्रवाई के बारे में ब्रीफ किया है, वहीं रक्षा मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी से पालम एयरपोर्ट पर मुलाकात की और अपडेट दिए.

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र के लिए मैसूर रवाना हो रहे थे, तभी पालम एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री पर्रिकर ने उनसे मुलाकात की. रक्षा मंत्री ने बातचीत में गोवा से दिल्ली लौटकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने देशभर के मिलिट्री बेस की सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की.

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