मनीषा गुलाटी को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, बनी रहेंगी महिला आयोग की अध्यक्ष

मनीषा गुलाटी को 18 सितंबर, 2020 को पंजाब सरकार द्वारा तीन साल का विस्तार दिया गया था. इस बीच पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 1 फरवरी को नोटिस जारी कर पद से हटाने के साथ ही कहा था कि अधिनियम में 3 वर्ष से अधिक विस्तार का प्रावधान नहीं किया गया है.

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ललित शर्मा

  • चंडीगढ़,
  • 15 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

पंजाब सरकार ने मनीषा गुलाटी को एक बड़ी राहत देते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश को वापस ले लिया है. यह जानकारी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी दी गई है. कारण, गुलाटी ने पद से हटाए जाने के सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. दरअसल, पंजाब सरकार ने 1 फरवरी को पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी को पद से हटा दिया था.

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बता दें कि मनीषा गुलाटी को 18 सितंबर, 2020 को पंजाब सरकार द्वारा तीन साल का विस्तार दिया गया था. इस बीच पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 1 फरवरी को नोटिस जारी कर पद से हटाने के साथ ही कहा था कि अधिनियम में 3 वर्ष से अधिक विस्तार का प्रावधान नहीं किया गया है. साथ ही एक्सटेंशन देते समय महिला संगठन से भी कोई परामर्श नहीं किया गया है. इसलिए सरकार मनीषा गुलाटी को दिया गया एक्सटेंशन वापस ले रही है. 

गौरतलब है कि मनीषा गुलाटी बीते साल फरवरी में भाजपा में शामिल हो गई थीं. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व भाजपा महिला मोर्चा की प्रधान मोना जायसवाल ने मनीषा को पार्टी में शामिल कराया था. मनीषा गुलाटी कैप्टन अमरिंदर सिंह की काफी नजदीकी मानी जाती हैं.  

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मनीषा गुलाटी तब सुर्खियों में आईं थीं, जब चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्रा द्वारा हॉस्टल में वीडियो रिकॉर्ड कर शिमला में अपने दोस्तों को भेजने के मामले में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान गुलाटी ने कहा था कि किसी भी छात्रा का वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया गया और न ही सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. 

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