पंजाब के पटियाला में गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले हेड कॉन्स्टेबल अमनदीप सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई. पटियाला जिले के नाभा तहसील में चार-पांच हमलावरों ने रविवार को धारदार हथियारों से अमनदीप की हत्या कर जान ले ली.
हमलावरों ने दिनदहाड़े बाजार में अमनदीप पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनके भाई नवदीप सिंह को सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें नाभा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
नाभा की पुडा कॉलोनी के निवासी अमनदीप सिंह पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में तैनात थे. वे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले थे. अमनदीप की बहन ने बताया कि भाई को रिपब्लिक डे परेड में शामिल होना था. परिवार को फोन के जरिए उनकी हत्या की सूचना मिली.
पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है. पटियाला के एसपी ने कहा कि नाभा के बाजार क्षेत्र में कॉन्स्टेबल की हत्या की जांच जारी है. हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है.
कांग्रेस-अकाली दल ने उठाए सवाल
अमनदीप की हत्या पर सियासत शुरू हो गई है. शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाभा बाजार में दिनदहाड़े हमलावरों ने पंजाब पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल (अमनदीप) की जान ले ली. इससे गंभीर सवाल खड़ा होता है. जब कानून लागू करने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा?
वहीं, लुधियाना से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पार्टी चीफ राजा वारिंग ने भी इस वारदात पर एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अब पंजाब पुलिस के जवान भी सुरक्षित नहीं हैं. कांग्रेस शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती है. यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को उजागर करती है.
अमन भारद्वाज