पंजाब के लुधियाना में हुए हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जालंधर बाईपास के पास एक खाली प्लॉट से बरामद किए गए 35 साल के युवक के शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती संकेतों ने जांच को और गंभीर बना दिया है. विशेषज्ञों के तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने पाया है कि हत्या से पहले युवक के बाएं हाथ में किसी संदिग्ध पदार्थ का इंजेक्शन दिए जाने के संकेत मिले हैं.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि मौत का सटीक कारण तभी स्पष्ट हो सकेगा, जब विसरा के नमूनों की फॉरेंसिक लैब में जांच रिपोर्ट सामने आएगी. शव छह टुकड़ों में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था, जबकि दाहिना हाथ अब तक बरामद नहीं हो सका है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.
हत्या से पहले युवक को दिया गया इंजेक्शन
मृतक की पहचान लुधियाना की भारती कॉलोनी निवासी दविंदर कुमार के रूप में हुई है. दविंदर हाल ही में मुंबई से लौटा था, जहां वह एक प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग की दुकान पर काम करता था. पुलिस जांच में सामने आया है कि दविंदर और आरोपी शमशेर उर्फ शेरा अच्छे दोस्त थे. शमशेर पेशे से बढ़ई (कारपेंटर) है.
पुलिस को शक है कि दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था, जो धीरे-धीरे गंभीर रूप ले गया और इसी के चलते यह वारदात हुई. इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जो इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं.
पैसों के विवाद को हत्या की वजह मान रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद शव को आरी की मदद से काटा, फिर शरीर के हिस्सों को एक ड्रम में भरकर जालंधर बाईपास के पास एक खाली प्लॉट में फेंक दिया. यह प्लॉट सलेम टाबरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है. ड्रम को एक राहगीर ने देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामला सामने आया.
पुलिस को आशंका है कि शव के कुछ अन्य हिस्से अलग-अलग स्थानों पर भी फेंके गए हो सकते हैं. इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस टीम विभिन्न संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद हत्या के तरीके और समय को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी.
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