'अगर खालिस्तानी मुझे गोली ना मारें तो बहस के लिए तैयार,' कंगना ने स्वीकार की अमृतपाल की चुनौती

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने खालिस्तान मसले पर बहस के लिए वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की चुनौती स्वीकार की है. कंगना ने तंज भी कसा है और कहा- अगर खालिस्तानी मुझे गोली ना मारें तो मैं इस मसले पर बहस करने के लिए तैयार हूं. इससे पहले अमृतपाल ने कहा था- 'हिंदू राष्ट्र पर डिबेट हो सकती है तो खालिस्तान पर क्यों नहीं'.

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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अमृतपाल की चुनौती स्वीकार कर ली है. बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अमृतपाल की चुनौती स्वीकार कर ली है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 6:59 AM IST

पंजाब में 'वारिस पंजाब दे' संगठन का प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह विवादों में है. अमृतसर के अजनाला थाने में हमला किए जाने के बाद अमृतपाल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस बीच, बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने खालिस्तान मसले पर बहस के लिए अमृतपाल सिंह की चुनौती स्वीकार की है. कंगना ने तंज भी कसा है और कहा- अगर खालिस्तानी मुझे गोली ना मारें तो मैं इस मसले पर बहस करने के लिए तैयार हूं.

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कंगना ने ट्वीट किया और लिखा- महाभारत में पांडवों ने राजसूय यज्ञ किया था. अर्जुन स्वयं सभी राजाओं से टैक्स लेने के लिए चीन तक गए थे. तब सभी राजाओं ने युधिष्ठिर को विराट भारत का सम्राट घोषित कर दिया. यहां तक कि जो महायुद्ध हुआ उसे भी महाभारत कहा गया. अमृतपाल मुझसे चर्चा कर लें.

एक्ट्रेस ने लिखा- अमृत​​पाल ने देश को खुली चुनौती दी है कि अगर कोई उनके साथ बौद्धिक चर्चा करने के लिए तैयार है तो वो खालिस्तान की मांग को सही ठहरा सकता है. कंगना ने आगे कहा- अगर मुझे खालिस्तानियों ने पीटा/हमला नहीं किया या गोली नहीं मारी तो मैं तैयार हूं.

अमृतपाल ने क्या चुनौती दी थी...

अजनाला थाने में बवाल की घटना के बाद अमृतपाल सिंह ने आजतक के साथ बातचीत की थी और कहा था- 'हिंदू राष्ट्र पर डिबेट हो सकती है तो खालिस्तान पर क्यों नहीं'. उसने अपनी मंशा के बारे में कहा- पंजाब में हर गांव में युवा नशे की जद में आ गया. जब मैं यहां आया तो मुझसे यह सब नहीं देखा जाता. खालिस्तान कोई टैबू सब्जेक्ट नहीं है. यहां हिंदू राष्ट्र और सोशलिज्म पर डिबेट हो सकती है. डेमोक्रेसी समेत अन्य मसलों पर भी चर्चा हो सकती है तो खालिस्तान पर चर्चा क्यों नहीं. खालिस्तान पर भी बुद्धजीवियों के बीच डिबेट और डिस्कशन होना चाहिए. अगर यहां बुद्धजीवियों के बीच डिस्कशन होता तो हिंसा नहीं होती. 

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'मैंने दो साल पहले ही कहा था...'

इससे पहले कंगना रनौत ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था. इस पोस्ट के जरिए कंगना ने गैर- खालिस्तानी सिखों को बड़ी सलाह भी दी थी. कंगना ने लिखा- 'पंजाब में जो कुछ भी हो रहा है, मैंने दो साल पहले भविष्यवाणी की थी. मुझ पर कई मामले दर्ज किए गए थे. मेरे खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. मेरी कार पर पंजाब में हमला किया गया था, लेकिन वही हुआ ना जो मैने कहा था. पर अब समय आ गया है जब गैर-खालिस्तानी सिख अपनी पोजिशन और इरादों को क्लीयर करें.'

दो साल पहले कंगना ने क्या कहा था 

दो साल पहले किसान बिल का विरोध कर रहे किसानों को कंगना रनौत ने आतंकवादी और खलिस्तानी कहकर बुलाया था. कंगना की इस पोस्ट को लेकर हर तरफ खूब विवाद हुआ. यहां तक कई शहरों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई. इस पूरे विवाद के बाद जब कंगना पंजाब पहुंचीं, तो किसानों द्वारा उनकी कार को घेर लिया गया. घटना के बारे में बात करते हुए कंगना रनौत ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि पंजाब में एंट्री लेते ही उनकी कार को घेर कर उन पर हमला बोला गया. 

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वहीं अब जब अमृतसर में अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला बोला गया, तो कंगना को अपनी दो साल पहले कही हुई बात याद आई. पंजाब के अजनाला में हुए बवाल के बाद पंजाब पुलिस पर खालिस्तान समर्थकों के प्रति नरमी बरतने का आरोप लग रहा है. हालांकि, पंजाब डीजीपी का कहना है कि पुलिस तथ्यों की पुष्टि करके उसी के आधार पर आगे कार्रवाही करेगी. पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों को बख्शने वाली नहीं है.

 

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