विपक्षी नेताओं और उनके कार्यों पर सरकार का अपना-अपना पक्ष है, लेकिन क्या केंद्रीय सरकारें जांच एजेंसियों का उपयोग चुनावी फायदे के लिए करती हैं? जो आरोप आज ईडी और मोदी सरकार पर लगते हैं, वैसे ही आरोप सीबीआई और यूपीए सरकार पर लगते थे. आंकड़ों के अनुसार, 2004 से 2014 तक 72 नेता सीबीआई की जांच के दायरे में थे.