तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ जांच कर रही एसआईटी ने अपने हलफनामे में कांग्रेस के नेता दिवंगत अहमद पटेल पर कई आरोप लगाए हैं. दावा किया गया कि अहमद पटेल ने तत्कालीन बीजेपी सरकार को गिराने की साजिश के लिए तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपये दिए थे. आजतक से बातचीत के दौरान अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल ने इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिश के लिए उनके पिता का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मुमताज ने सरकार गिराने के सवाल पर कहा कि मुझे तो नहीं समझ में आता कि 30 लाख रुपये में सरकार को कैसे अस्थिर किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर तत्कालीन बीजेपी सरकार गिर गई होती तो मामले की जांच होनी चाहिए थी लेकिन गुजरात में तो आज भी बीजेपी की सरकार है.
पिता जीवित नहीं इसलिए उनका नाम लिया जा रहा
मुमताज से कहा कि एसआईटी के हलफनामे में जो खुलासे हुए हैं, वह चौंकाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि अगर ये आरोप सही हैं तो ऐसा नहीं हो सकता कि सरकार को इसकी भनक पहले नहीं लगी होगी. जब मेरे पिता जीवित थे, तब इन मुद्दों को क्यों नहीं उठाया गया.
उन्होंने कहा कि अगर ये बातें उठती तो मेरी पिता अपना पक्ष रख सकते थे. आज वह नहीं हैं इसलिए एसआईटी ने चार्जशीट में उनका नाम डाल दिया ताकि बड़ी खबर बने और लोगों को गुमराह कर दिया जाए. इमोशनल मुद्दे उठाकर लोगों को बस उलझाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मेरे पिता के नाम पर अब कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी को घेरा जा रहा है.
तो सीतलवाड़ को क्यों नहीं बना दिया गया सांसद
मुमताज पटेल ट्वीट किया कि उनके पिता के नाम में अभी भी वजन है, इसीलिए राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है. अगर एनआईटी के आरोप सही हैं तो तीस्ता सीतलवाड़ को यूपीए की सरकार में राज्यसभा सांसद क्यों नहीं बनाया गया? उन्होंने यह भी पूछा कि 2020 तक आखिर इस सरकार ने इतने बड़े साजिश की जांच क्यों नहीं करवाई?
गुजरात कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाए आरोप
कांग्रेस की गुजरात इकाई ने एसआईटी पर बीजेपी के इशारे पर अहमद पटेल का नाम हलफनामे में शामिल करने का आरोप लगाया. भाषा न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे, वैसे वैसे और ऐसे हलफनामे दाखिल किए जाएंगे.
ठाकोर ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों से पहले लोगों का ध्यान अहम मुद्दों को हल करने में अपनी विफलता से बांटने की एक साजिश के तहत कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है.
एसआईटी ने हलफनामे में यह किया दावा
एसआईटी ने जो हलफनामा दाखिल किया है, उसमें दावा किया गया कि तीस्ता सीतलवाड़ ने गोधरा कांड के कुछ दिन दिवंगत अहमद पटेल के साथ बैठक की थी. उस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के निर्देश पर उन्हें 5 लाख रुपये दिए गए. शाहीबाग में सरकारी सर्किट हाउस में जब दोनों की फिर मुलाकात हुई तो गवाह ने पटेल के निर्देश पर सीतलवाड़ को 25 लाख रुपये और दिए.
सीतलवाड़ ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों और निर्दोषों को फंसाने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए राजनीतिक दल से गलत तरीके से वित्तीय लाभ लिया.
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