प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दिया. अपने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में मोदी ने कोरोना, किसान, MSP समेत कई मुद्दों पर बोला और विपक्ष को भी घेरा.
आ रहा नया ‘वर्ल्ड ऑर्डर’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया में एक नया ‘ऑर्डर’ बना था. अब कोरोना के बाद फिर से ‘नया वर्ल्ड ऑर्डर’ आ रहा है. ऐसे में भारत विश्व से कटकर नहीं रह सकता. उसे तय करना है कि वह मूक दर्शक बना रहना चाहता है या इसमें शामिल होना चाहता है. इस नए वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की भूमिका ‘आत्मनिर्भर भारत’ तय करेगा.
महिला सांसदों की बात धारदार
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन की महिला सदस्यों को विशेष धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि धन्यवाद प्रस्ताव के भाषण में उनकी भागीदारी ज्यादा रही और उन्होंने काफी रिसर्च करके तथ्यों के साथ अपनी बात रखी. उनके भाषण में धार भी थी.
मनीष तिवारी पर तंज
पीएम ने कांग्रेस नेता मनीष तिवारी पर निशाना साधा. उन्होंने तिवारी के कोरोना से बचने की वजह ‘भगवान की कृपा’ बताने वाले बयान पर चुटकी ली और कहा ये भगवान की कृपा ही है कि कोरोना से दुनिया हिल गई, हम बच गए, डॉक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी, एंबुलेंस ड्राइवर भगवान के रूप में आए.
दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आगे
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना काल में दुनियाभर के देश अपने नागरिकों को डॉलर और पौंड खजाने में भी भरे होने के बावजूद अपने नागरिकों को नहीं पहुंचा सके. लेकिन भारत ही है जिसने इस कोरोना काल में 75 करोड़ से अधिक भारतीयों को मुफ्त राशन पहुंचाया और 8 महीने तक पहुंचाया. जनधन खाते और आधार के माध्यम से लोगों के जेब तक पैसे पहुंचाया है.
लोग अदालत गए आधार रुकवाने
मोदी ने विपक्ष पर चुटकी ली और कहा कि जिस जनधन खाते और आधार ने इतनी मदद की कुछ लोग इसी को रुकवाने अदालत गए. इसके बाद सदन में विरोध देखा गया जिस पर मोदी ने फिर कहा ‘एक मिनट का विराम देने के लिए धन्यवाद’.
गुस्सा भी हुए मोदी
विपक्ष के बार-बार हंगामा करने पर पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से कहा कि ‘अब ज्यादा हो रहा है, मैं आपका सम्मान करने वाला व्यक्ति हूं, मैं तो आपको कह चुका हूं कि आपको जहां रजिस्टर होना था वहां हो गए. आपको बंगाल में TMC से भी ज्यादा पब्लिसिटी मिल जाएगी.’
कलर पर बात, कंटेंट पर नहीं
कृषि कानूनों को लेकर मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कानून के कलर पर तो बात की कि ये काला है कि सफेद है, बेहतर होता कि वे कानून के ‘कंटेंट’ पर और ‘इंटेंट’ पर बात करते.
दादा के ज्ञान से वंचित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने TMC सांसद सौगत रॉय पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह किसानों के मुद्दे पर अपने ज्ञान से लाभांवित करेंगे. लेकिन उनकी चर्चा का पूरा सार मोदी और उसके मंत्री बंगाल क्यों जा रहे हैं उसी के आसपास रहा. हम उनके ज्ञान से वंचित रह गए. उम्मीद है चुनाव के बाद हमें उनका ज्ञान मिलेगा.
कांग्रेस कन्फ्यूज पार्टी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के हंगामे पर तंज कसते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी, लगभग छह दशक तक सत्ता में रहने वाली पार्टी की हालत यह हो गई है कि अब वह कंफ्यूज पार्टी बन गई है. इसका एक तबका राज्यसभा में अलग रास्ते पर चलता है और दूसरा तबका लोकसभा में अलग रास्ते पर चलता है.
मांगने के लिए मजबूर करना सामंतशाही
पीएम मोदी ने कहा कि कि आजकल एक नया तर्क चल रहा है कि किसी ने आपसे मांगा (कृषि कानून) था क्या. पीएम मोदी ने कहा कि देश ने दहेज प्रथा के खिलाफ कानून मांगा नहीं था, तीन तलाक के लिए कानून मांगा नहीं था, शादी की उम्र बढ़ाने की मांग नहीं की थी, पेंशन बढ़ाने की मांग नहीं की थी. लेकिन प्रगतिशील समाज के लिए ये आवश्यक है. इसलिए लोकतंत्र में सरकार को बिना मांगे जनता की जरूरत के हिसाब से देना चाहिए. उनका विरोध इस सोच से है जो कहती है कि ‘मांगा था क्या’ (कृषि कानून), ये सामंतशाही है क्या, कि जनता याचक की तरह मांगे तभी सरकार उन्हें कुछ दे. मांगने पर मजबूर करने वाली सोच लोकतांत्रिक नहीं. लोकतंत्र में सरकार को संवेदनशील होना चाहिए
Status Quo ने बनाए रखा CCA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि Status Quo भी देश के विकास में बाधक है. ठहरा पानी बीमारियों को जन्म देता है. तमिलनाडु की 60 के दशक की एक घटना है, उस समय एक व्यक्ति ने पत्र लिखा कि वह CCA के पद पर तैनात है उसका वेतन बढ़ाया जाए. बाद में पता चला कि ये पद 40 के दशक में चर्चिल को सिगार पहुंचाने की चिंता करने के लिए बनाया गया था. इस पद का नाम चर्चिल सिगार असिस्टेंट था. Status Quo की सोच के चलते यह पद आजादी के बाद भी चलता रहा. हमें इस सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है.
चलता है चलता रहेगा की सोच से आगे जाने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ‘चलता है, चलता रहेगा’ की सोच से आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि अगर ‘Million Problems‘ हैं तो ‘Billion Solutions’ भी हैं. हमें हिम्मत के साथ आगे बढ़ना होगा. इसी के साथ उन्होंने कृषि कानूनों पर किसानों से चर्चा की मेज पर आकर समाधान निकालने का आग्रह किया.
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