कोल्हापुर के बहिरेवाड़ी गांव में देशभक्ति के गीत गूंज रहे थे. पूरा गांव देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ऋषिकेश जोंधले पर गर्व कर रहा था. 13 नवंबर की रात एलओसी पर पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेना के जवान ऋषिकेश जोंधले ने अपने प्राणों की आहूति दी. 3 दिन बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गांव बहिरेवाड़ी पहुंचा तो पूरा आसमान भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा.परिवार और पूरे गांव को अपने वीर सपूत को खो देने का गम था तो उसकी वीरता पर गर्व भी. शोक के बीच देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले ऋषिकेश के लिए पूरा गांव फूलों की रंगोली से सजा था. देखें कैसे दी गई भारत के वीर सपूतों को आखिरी विदाई.