दोषी साबित होने तक हर कोई निर्दोष होता है, कनाडा के आरोपों पर पूर्व भारतीय राजनयिक विकास स्वरूप

ट्रूडो ने ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की 'संभावित' संलिप्तता का आरोप लगाया है जिससे कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक विवाद शुरू हो गया है. भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था.

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भारत के साथ कनाडा का गहराता राजनयिक विवाद सुर्ख़ियों में है भारत के साथ कनाडा का गहराता राजनयिक विवाद सुर्ख़ियों में है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:03 PM IST

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की 'लापरवाही भरी कार्रवाइयों' की आलोचना करते हुए पूर्व भारतीय राजनयिक विकास स्वरूप ने ओटावा से विवाद को कम करने और सच्चाई को सामने लाने के लिए कदम उठाने को कहा. मौजूदा समय में सिख अलगाववादी की हत्या मामले पर भारत के साथ कनाडा का गहराता राजनयिक विवाद सुर्ख़ियों में है. 

वर्ष 2017 से 2019 तक कनाडा में भारत के उच्चायुक्त रहे स्वरूप ने भी भारत सरकार के आरोपों को दोहराया कि ओटावा हिंसक सिख अलगाववादियों के साथ बहुत अधिक समझौता कर रहा है. उन्होंने कहा कि कनाडा को इसे लेकर 'खेद' होगा. स्वरूप ने कनाडाई सरकार को यह भी याद दिलाया कि 'दोषी साबित होने तक हर कोई निर्दोष है और कानून को अपना काम करने दें.'

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ट्रूडो ने ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की 'संभावित' संलिप्तता का आरोप लगाया है जिससे कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक विवाद शुरू हो गया है. भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था.

भारत ने इन आरोपों को बेतुका और प्रेरित कहकर आक्रामक रूप से खारिज कर दिया और इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया.

'कैलगरी हेराल्ड' अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, स्वरूप ने निज्जर की हत्या में नयी दिल्ली के शामिल होने का आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री ट्रूडो की आलोचना की. स्वरूप ने फेयरमोंट बैंफ के एक सभागार में आयोजित ‘ग्लोबल बिजनेस फोरम’ में कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि कनाडाई सरकार ने ऐसा क्यों किया.’’

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बैंफ कनाडा के अलबर्टा प्रांत में एक शहर है. पूर्व राजनयिक ने कहा, 'जो आरोप लगाए गए हैं, मैं उन्हें खारिज करता हूं. सच्चाई को सार्वजनिक रूप से सामने आने दीजिए.' 

उन्होंने कहा, 'तो मैं कनाडा से कहूंगा, कृपया एक कदम पीछे हटें. ध्यानपूर्वक विचार करें. हमें इसे मामले को सार्वजनिक मंच पर लाने की कोई जरूरत नहीं थी. इसे दोनों सरकारों के बीच संवाद करके राजनयिक स्तर पर आसानी से हल किया जा सकता था.'

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