वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के टेलीविजन पर दिखने वाले डांस और हल्के-फुल्के कार्यक्रम अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की एक अहम वजह बने. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने मादुरो की इन ऑन-एयर गतिविधियों को अमेरिका को जानबूझकर उकसाने की कोशिश के तौर पर देखा.
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना था कि मादुरो अमेरिकी चेतावनियों और दबाव को हल्के में ले रहे हैं. एक अधिकारी ने अखबार से कहा कि यह फैसला "एक डांस मूव ज्यादा हो जाने" के बाद लिया गया. अधिकारियों को लगा कि मादुरो सार्वजनिक तौर पर अमेरिका की धमकियों का मजाक उड़ा रहे हैं और वॉशिंगटन की चेतावनियों को चुनौती दे रहे हैं.
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रिपोर्ट में उस वीडियो का भी जिक्र है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में मादुरो को सरकारी टीवी चैनल पर म्यूजिक पर झूमते हुए देखा गया था, जबकि बैकग्राउंड में अंग्रेजी में “No crazy war” की आवाज सुनाई दे रही थी. यह प्रसारण उस वक्त हुआ जब कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के एक बंदरगाह पर हमला किया था, जिसे उसने ड्रग तस्करी से जुड़ा बताया था. इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था.
अमेरिका को मादुरो दे रहे थे चुनौती?
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, मादुरो ने इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप का वह अल्टीमेटम भी ठुकरा दिया था, जिसमें उनसे पद छोड़कर तुर्की में निर्वासन स्वीकार करने को कहा गया था. वार्ताओं से जुड़े सूत्रों के अनुसार मादुरो ने पीछे हटने के बजाय और ज्यादा सार्वजनिक कार्यक्रम किए, जिनमें उन्होंने बेफिक्र और चुनौतीपूर्ण रुख दिखाया.
पहले दी गई थी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन तमाम घटनाओं ने व्हाइट हाउस में यह धारणा मजबूत की कि मादुरो अमेरिका को ब्लफ करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी आकलन के बाद पहले दी गई सैन्य धमकियों पर अमल करने का फैसला लिया गया.
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शनिवार तड़के अमेरिका की एक विशेष सैन्य इकाई ने कराकास में अभियान चलाया और मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया. दोनों को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां अब मादुरो पर ड्रग तस्करी से जुड़े आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे.
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