Exclusive: 3 मई को आतंकियों की PoK में रैली, 4 मई को कश्मीर में IAF के काफिले पर हमला

4 मई शनिवार को कश्मीर में भारतीय वायु सेना के काफिले पर हमले से पहले PoK में आतंकियों के एक सभा हुई थी, जिसमें आईएसआई अधिकारी और पाकिस्तानी सेना के जवान भी मौजूद थे. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर में होने वाले चुनाव के दौरान बड़े आतंकी हमले करने की फिराक में है और इसी लिए आतंकियों की सभा बुलाई थी.

Advertisement
IAF के काफिले पर हमले से पहले PoK में आतंकियों ने की थी सभा. IAF के काफिले पर हमले से पहले PoK में आतंकियों ने की थी सभा.

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2024,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारतीय वायु सेना के काफिले पर हमले से पहले 3 मई शुक्रवार को पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के एक बड़ी सभा हुई थी. इस सभा में पिछले हफ्ते सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए आतंकी अब्दुल वहाब और सनम जफर को पोस्टर ब्वॉय बनाया गया था. PoK में हुई इस रैली के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ चुकी हैं.

Advertisement

IAF के काफिले पर हुए हमले से पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हुई रैली में ISI ने भारत के खिलाफ एक बार फिर अपनी जिहाद मशीनरी को चालू करने के संकेत दिए हैं. शुक्रवार को पीओके के रावलाकोट में खाइगल गांव में पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ISI की मौजूदगी में एक सभा (इजलास) का आयोजन किया गया था. 

'कश्मीर में बड़े हमले की फिराक में है ISI'

सूत्रों के मुताबिक, इलेक्शन के दौरान ISI कश्मीर में बड़ा आतंकी हमला करवाने के फिराक में है. आईएसआई की इस सभा में कश्मीर में मारे गए आतंकी अब्दुल वहाब के वारिसी खत पढ़कर युवाओं को भारत के खिलाफ जिहाद करने का आह्वान किया गया. रैली में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के अलावा JKLF (Jammu Kashmir Liberation Front) से जुड़े आतंकी भी मौजूद थे. सैकड़ों की संख्या में आए लोगों को जिहाद के लिए खड़े होने के लिए आह्वान किया और रैली में भारत के खिलाफ  कश्मीर में और बड़े हमले करने का ऐलान किया है. 

Advertisement

विधानसभा चुनाव पर है नजर

जानकारी के अनुसार, इस इजलास में 300-400 के बीच स्थानीय लोग मौजूद थे. रैली के दौरान पाकिस्तानी सेना की यूनिट FC (Frontier Corps) के हथियारबंद जवान मंच और सभा में आये लोगों की सुरक्षा कर रहे थे. इसके अलावा सुरक्षा के लिए KPK Police भी मौजूद थी. ISI पीओके में अपने जिहादी तंजीमों को दुबारा खड़ा कर रहा है. साथ ही आईएसआई की नजर कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनावों पर है.

हटी FATF की तलवार 

साल 2019 बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से ISI ने पीओके और अन्य जगहों पर बने टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर को बंद या बेहद कम कर दिया था. उस दौर में पाकिस्तान पर FATF (Financial Action Task Force) की तलवार लटक रही थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. पाकिस्तान पर FATF की तलवार हट गई है और IMF चीन की मदद से आर्थिक संकट भी कम हुआ है. अब आने वाले महीनों में पाकिस्तान फिर से कश्मीर को डिस्टर्ब करने के लिए अपना पुराना जिहादी इंफ्रास्ट्रक्चर शुरू कर रहा है. अभी वर्तमान में पीओके से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से पैदा हुए संगठन PAFF, TRF जैसे संगठन कश्मीर घाटी में सक्रिय हो गए हैं.

मंच पर लगाई आतंकियों की तस्वीर

रैली के मंच पर 27 अप्रैल को कश्मीर में सेना द्वारा मारे गए आतंकी अब्दुल वहाब उर्फ सैफुल्ला और सनम जफर की फोटो लगाई हुई है. आतंकियों की इस सभा की फोटो और वीडियो में सामने आए हैं, जिसमें स्टेज से कहा जा रहा है. पहले लड़ाई जमीन की थी. वो हमारी जमीन हड़पना चाहते थे, लेकिन अब वो हमारी सिविलाइजेशन के खिलाफ अमली तौर पर मैदान में आ चुका हैं और उसके निशाने पर अल कुद्दस और बाबरी मस्जिद हैं. हमें अपने नौजवानों को, अपनी नस्लों को कुर्बान करना है. आप अपने घर के बड़े बेटों को इस्लाम की सर बुलंदी के लिए जिहाद के लिए दीजिए. वहीं, मोस्ट वॉन्टेड आतंकी को स्टेज पर आतंकी को बुलाने के पहले बताया जा रहा है कि इनको भारतीय फौज तलाश रही है.

Advertisement

आतंकी हमले में हुआ एक जवान

बता दें कि शनिवार 4 मई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एयरफोर्स के काफिले पर आतंकियों ने हमला कर दिया था. इस हमले में 5 जवान घायल हो गए थे. सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक जवान शहीद हो गया, जबकि अन्य चार घायल जवानों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement