भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने आज दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गर्भवती बलात्कार पीड़िता से बात करेंगे. पीड़िता मुंबई के सायन अस्पताल में भर्ती है. 14 साल की नाबालिग बलात्कार पीड़िता पिछले सोमवार को 30 सप्ताह की गर्भवती थी. सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता की 'असाधारण स्थिति' के कारण भ्रूण के गर्भपात की सिफारिश की थी. हालांकि, अभी गर्भपात नहीं हो सका है. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि वह स्थिति को समझने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोपहर 2 बजे पीड़िता और डॉक्टरों से सीधे बात करेंगे.
'गर्भपात कराने के लिए मजबूर नहीं कर सकते...'
यौन उत्पीड़न की वजह से 14 साल की नाबालिक लड़की की गर्भावस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग पर ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि डॉक्टर का पत्र आया है. एक रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें डॉक्टरों पर आरोप लगे हैं. CJI ने कहा कि यह थोड़ा पेचीदा मामला है, वह 14 साल की लड़की है और उसकी इच्छा है कि वह बच्चे को जन्म दे या नहीं. हम लड़कियों की प्राथमिकता, मां का विशेषाधिकार और डॉक्टर का फैसला इन सभी चीजों को नजरअंदाज नहीं कर सकते, यह डॉक्टर को तय करना है. हमने अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल सिर्फ निर्देश देने के लिए किया लेकिन हम किसी को केवल गर्भपात कराने के लिए मजबूर नहीं कर सकते.
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CJI ने पूछा कि मां और बच्चा दोनों सायन अस्पताल में हैं? ASG ने कहा, हां वो दोनों सायन मे ही हैं. नाबालिग बच्ची की मां के वकील ने कोर्ट को बताया कि डॉक्टर जो बता रहे हैं, वह गलत है. मां ने अपना रुख नहीं बदला है और डॉक्टर मां का हवाला देकर गर्भपात में देरी कर रहे हैं, जो कि झूठ है.
CJI ने कहा कि हम दो बजे मां-बच्चे और डाक्टर के साथ मामले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करते हैं, फिर फैसला लेंगे क्योंकि मामला थोड़ा उलझ गया है.
कनु सारदा / संजय शर्मा